पति की लंबी उम्र के लिए निर्जला व्रत रखने के अलावा करवाचौथ वक्त के साथ ही मॉडर्न व खूबसूरत हो गया है। इस दिन हर सुहागिन खुद को निखारने, संवारने के लिए बेचैन रहती है। करवा चौथ के निखार यानी हर महिला को सुंदर लगने के लिए बाजार पहले से ही सजने-संवरने लगते हैं। बाजारों में तरह-तरह की चूड़ियां, कपड़े, शृंगार का सामान, पूजा का सामान सजना शुरू गया है। इस बार के करवा चौथ को खास बनाने के लिए महिलाओं ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। बाजारों में भीड़ बढ़ने लगी है। कुछ महिलाएं रंग-बिरंगी चूड़ियों की खरीदारी में लगी हैं तो कुछ मेंहदी लगाने के लिए पति के पसंदीदा डिजाइन ढूंढ रही हैं।
करवा चौथ की तैयारियों से शहर के बाजार गुलजार हैं। त्योहार के नजदीक आते ही बाजारों में खरीदारों की भीड़ भी पहुंचने लगी है। लोगों की पसंद और चलन को देखते हुए स्वर्णकारों ने भी फैशन को वरीयता दी है। बाजार में पायल एवं बिछुए महिलाओं की खासी पसंद बने हुए हैं। आठ अक्तूबर को करवा चौथ का त्योहार है। सुहागिनों के लिए बेहद खास इस त्योहार की तैयारियों से शहर के बाजारों में खासी रौनक बनी हुई है।
अभी से ही पूजन सामग्री की बिक्री शुरू हो गई है। करवा चौथ के लिए बाजार में जरीदार और कढ़ाई वाली साड़ियों को काफी पसंद किया जा रहा है। शहर के सब्जी मंडी स्थित कपड़ा व्यवसायी कुलदीप बरनवाल बताते हैं कि नवविवाहित महिलाओं की ओर से लहंगों और हैवी वर्क वाली साड़ियों की मांग की जा रही है। ऐसी पसंद को देखते हुए दो हजार से लेकर 20 हजार रुपये तक वाली साड़ियां बिक्री के लिए दुकान में मौजूद हैं।
वहीं आभूषण विक्रेताओं ने भी अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। स्वर्णकार देवी प्रसाद सोनी का कहना है कि नई डिजाइन के आभूषणों की मांग बढ़ी है। इस बार कोल्हापुरी और कोलकाता की बनी पायलों एवं बिछुओं की खरीदारी सबसे ज्यादा हो रही है। अभी पर्व के कई दिन हैं। इसलिए आभूषणों की बिक्री बढ़ने की भी उम्मीद है। उधर, चूड़ियों की खरीदारी के साथ सुहाग संबंधी दुकानों पर भी महिलाओं की भारी भीड़ उमड़ रही है।