सुल्तानपुर। चैत्र नवरात्र की तैयारी देवी मंदिरों में शुरू हो गई। मंदिरों की साफ-सफाई के साथ रंग-रोगन का कार्य किया जा रहा है। पूजन सामग्री के लिए बाजारों में चहल-पहल बढ़ गई है। बाजार में पूजन सामग्री की बिक्री बढ़ी है। नवमी पर शहर के रुद्र नगर स्थित नयना माता मंदिर में 251 कन्याओं का पूजन किया जाएगा।
चैत्र नवरात्र रविवार से शुरू हो रहा है। नौ दिन का व्रत रखने वाले लोग अभी से तैयारी करना शुरू कर दिए हैं। मंदिरों की साज-सज्जा का काम तेजी से चल रहा है। शहर के चौक इलाके में पूजन सामग्री की दुकानें सज गई हैं। शुक्रवार दोपहर पूजन सामग्री की दुकान पर महिलाओं ने जरूरत के हिसाब से पूजन सामग्री की खरीददारी की। दुकानदार जमुना प्रसाद कसौधन ने बताया कि माता रानी की चुनरी 20 से लेकर 150 रुपये तक है। सादा कलश 30 और रंगीन कलश 50 रुपये में बिक रहा है। माता रानी का शृंगार पैकेट 30 से 50 रुपये में है।
पंचमेवा 30 रुपये पैकेट और माता रानी का लहंगा-चुनरी 30 से लेकर 220 रुपये तक है। माला 10 से 100 रुपये तक रेंज मेें उपलब्ध है। माता रानी की प्रतिमा 60 से 250 रुपये तक बिक रही है। बताया कि पूजन सामग्री के दाम में 10 से 15 फीसदी तक वृद्धि हुई है।
नयना माता मंदिर के पुजारी कामता प्रसाद मिश्र ने बताया कि नवरात्र भर सुबह छह से आठ बजे तक दुर्गा सप्तशती पाठ होगा। अपराह्न तीन से शाम सात बजे तक महिला मंडली की ओर से भजन कीर्तन और शाम सात बजे भव्य आरती होगी। नवमी के लिए 251 कन्याओं का पूजन कर उन्हें उपहार भेंट किया जाएगा।
मां की आराधना से मिलती है शांति
शहर के निराला नगर निवासी विमला सिंह 1998 से देवी दुर्गा की आराधना कर रही हैं। चैत्र व शारदीय नवरात्र में वे पूरे नौ दिन का व्रत रखती हैं। विमला कहती हैं कि माता रानी में उनकी गहरी आस्था है। नौ दिन का व्रत रख माता रानी की आराधना से मन को बहुत शांति मिलती है।
भोर 4 से दोपहर 2:14 बजे तक करें कलश स्थापना
चैत्र नवरात्र की शुरुआत रविवार से हो रही है। इस बार नवरात्र आठ दिन का है। चतुर्थी और पंचमी तिथि एक साथ दो अप्रैल को पड़ रही है। अष्टमी का व्रत पांच अप्रैल को है। कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त रविवार भोर चार से दोपहर 2:14 बजे तक है। माता रानी का व्रत रखने वाले भक्त सात अप्रैल को सुबह पारण कर सकते हैं। - बृजेशाचार्य महाराज, कथा प्रवाचक।