रबी की फसलों की सिंचाई के वक्त ग्रामीण क्षेत्रों की बिजली व्यवस्था चरमरा गई है। अधिकतर ब्लॉकों में महज पांच से छह घंटे बिजली रोस्टिंग मिल पा रही है। रात व दिन की रोस्टिंग में पांच से छह घंटे बिजली आपूर्ति मिलने से नलकूप नहीं चल पा रहे हैं। सिंचाई नहीं होने से खासकर गेहूं की फसल चौपट हो रही है।
रबी की फसलों की सिंचाई के समय ग्रामीण क्षेत्रों की बिजली एक बार फिर दगा दे गई है। रबी की फसलों में खासकर गेहूं की मौजूदा समय में सिंचाई की अधिक जरूरत बताई जा रही है। सिंचाई के समय ग्रामीण क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति व्यवस्था चरमरा गई है। अखंडनगर, करौंदीकलां, दोस्तपुर व प्रतापपुर कमैचा समेत कई ब्लॉक क्षेत्रों के गांवों को बिजली महज पांच से छह घंटे ही मिल पा रही है। यह बिजली भी दो शिफ्टों की रोस्टिंग में मिल रही है। रात और दिन मिलाकर पांच से छह घंटे बिजली मिलने से गेहूं की फसलों की सिंचाई नहीं हो पा रही है। ग्रामीणों के मुताबिक दिन की आपूर्ति में कई बार कटौती होती है।
दिन में बार-बार बिजली की कटौती से किसानों के खेतों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। दूसरी पाली में आधी रात के बाद बिजली आने से रात में भी फसलों की पूरी सिंचाई नहीं हो पा रही है। सिंचाई के अभाव में गेहूं की फसलें चौपट होती जा रही हैं।
एक खेत की सिंचाई में लग रहे कई दिन
बिजली की पर्याप्त आपूर्ति नहीं मिलने से किसानों को एक खेत की सिंचाई करने में कई दिन लग रहे हैं। एक ही खेत में कई दिन लगने से अन्य किसानों को समय से पानी नहीं मिल पा रहा है। इसकी वजह से उनकी फसलें बर्बाद हो रही हैं।