सुल्तानपुर। बुजुर्ग को थाने के लॉकअप में बंद कर बेरहमी से पीटने के आरोपी थानाध्यक्ष समेत तीन पुलिसकर्मियों को बुधवार को डीआईजी/एसपी ने निलंबित कर दिया। एसपी ने ये कार्रवाई एएसपी और सीओ की जांच के आधार पर की है। पुलिस कर्मियों के निलंबन से पहले सुबह एएसपी और सीओ सिटी जिला अस्पताल के सर्जिकल वार्ड में भर्ती अधेड़ से मिले और उनका बयान दर्ज किया। इसके बाद दोनों अधिकारी कुड़वार थाने पहुंचे और पांच दिन की कार्रवाई की जानकारी ली।
मामले में बुधवार को डीआईजी/ एसपी डॉ. विपिन कुमार मिश्र ने घटना को गंभीरता से लेते हुए एएसपी विपुल श्रीवास्तव और सीओ सिटी राधवेंद्र चतुर्वेदी को जांच सौंपी थी। एसपी के आदेश पर एएसपी और सीओ सबसे पहले जिला अस्पताल के सर्जिकल वार्ड पहुंचे, जहां भर्ती कालीचरन ने उन्हें अपने शरीर पर पड़े पिटाई के निशान दिखाए। इसके बाद दोनों अधिकारियों ने कुड़वार थाने पहुंच कर जांच की। एएसपी और सीओ ने दोपहर बाद डीआईजी/एसपी को रिपोर्ट सौंप दी।
मालूम रहे कि बल्दीराय थाना क्षेत्र के पूरे नेवल गांव निवासी कालीचरन (55) शादी विवाह में वीडियोग्राफी के साथ ही फोटोग्राफी भी करते हैं। 17 जून की दोपहर कालीचरन कुड़वार में स्थित संचित स्टूडियो पर एक शादी का वीडियो बनाने के लिए पहुंचे थे। दोपहर करीब तीन बजे तीन सिपाही स्टूडियो पर पहुंचे और संचित को अपने साथ लाए कुछ फोटो को ठीक करने को कहा।
इसी बीच सिपाहियों की नजर स्टूडियो में बैठे कालीचरन पर पड़ी थी। एक सिपाही ने कहा कि बुजुर्ग से रुपये लूटने वाला संदिग्ध यही है। तीनों सिपाहियों ने कालीचरन को उठाकर उसकी तलाशी ली और थाने चलने को कहा था। कालीचरन के एतराज जताने पर सिपाहियों ने लूट के शिकार बुजुर्ग विश्राम निवासी बहुबरा को स्टूडियो में ही बुलाकर उसकी पहचान कराई। बुजुर्ग विश्राम ने कहा कि लुटेरा यह नहीं है। इसके बाद भी तीनों सिपाही कालीचरन को लेकर कुड़वार थाने पहुंचे थे, जहां लॉकअप में डाल दिया।
देर रात एसओ कुड़वार अखिलेश सिंह ने कालीचरन से लूट की घटना में शामिल होने का कबूलनामा लिखने को कहा था। कालीचरन के मना करने पर रात भर एसओ और तीन सिपाहियों ने उसकी बेरहमी से पिटाई की थी। बाद में उसका 151 में चालान कर दिया था। पुलिस पिटाई से कालीचरन गंभीर रूप से घायल है और उसका उपचार जिला अस्पताल में चल रहा है।
डीआईजी/ एसपी डॉ. विपिन कुमार मिश्र ने बताया कि कुड़वार थाने के बहुबरा निवासी विश्राम के साथ पिछले 17 जून को हुई 40 हजार रुपये की टप्पेबाजी से संबंधित मुकदमा विलंब से दर्ज करने, घटना की सूचना उच्चाधिकारियों को नहीं देने और इस मामले में संदेह के आधार पर कालीचरन को थाने लाकर दुर्व्यवहार करने के आरोप में थानाध्यक्ष अखिलेश सिंह, सिपाही अजातशत्रु पांडेय व विजय कुमार को निलंबित कर दिया है।