सुल्तानपुर। पूरे देश में नए कानून एक जुलाई से लागू हो गए हैं। नए कानून लागू होने के बाद जिले की पुलिस की पोल खुलने लगी है। जिले में बड़ी संख्या में 30 जून से पहले की घटनाओं के अभी तक पुरानी धाराओं में ही केस दर्ज किए जा रहे हैं। इससे इस बात की पुष्टि हो रही है कि नए कानून लागू होने के पहले पुलिस ने केस दर्ज करने में लेटलतीफी की।
यूपी कॉप एप से डाउनलोड एफआईआर के आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो 11 थानों में तीन दिन (एक से तीन जुलाई) के भीतर कुल 56 केस दर्ज किए गए। नई धारा में 26, जबकि पुरानी धारा में 30 केस दर्ज किए गए हैं।
पुरानी धाराओं में दर्ज सभी केस 30 जून के पहले के बताए जा रहे हैं। फरियादियों की मानें तो इन मामलों को दर्ज करने में संबंधित थाने की पुलिस ने लापरवाही की। अब पुरानी धाराओं में केस दर्ज किया जा रहा है। इस बारे में एएसपी अरुण चंद्रा का कहना है कि कभी-कभार जांच आदि के कारण केस दर्ज करने में देरी हो जाती है। जल्द ही पुराने मामलों की संख्या खत्म हो जाएगी।
तीन जुलाई तक नए व पुराने कानून के अनुसार दर्ज केस
थाना बीएनएस आईपीसी
अखंडनगर 1 4
बंधुआकला 2 4
चांदा 5 4
कोतवाली नगर 2 8
कादीपुर 4 1
गोसाईगंज 2 1
मोतिगरपुर 2 2
लंभुआ 3 1
कोतवाली देहात 0 1
कूरेभार 1 3
कुड़वार 4 1
कुल 26 30
इस तरह से हो रही लेटलतीफी
चार जुलाई को चांदा थाने में 14 जून को हुई सड़क दुर्घटना का केस पुराने कानून के तहत दर्ज किया। कोतवाली नगर में चोरी और लूट के दो मुकदमे पुरानी धाराओं में दर्ज किए गए। दोनों ही घटनाएं 29 जून की रात की थी। कूरेभार थाने में 29 जून की घटना में आईपीसी की धारा 366 के तहत केस दर्ज किया गया। जबकि 27 जून को खेत में खड़े ट्रैक्टर की बैटरी आदि चोरी का केस पांच जुलाई को पुराने कानून के तहत दर्ज किया गया है।