बल्दीराय में आयोजित कवि सम्मेलन में काव्य पाठ करते कवि अभिमन्यु शुक्ल तरंग। स्रोत-आयोजक
विंदेश्वरीगंज। विघ्नहर्ता सिंडीकेट ग्रुप की ओर से शनिवार देर शाम बल्दीराय में आयोजित कवि सम्मेलन में कवियों ने अपनी रचनाओं से प्रेम, संघर्ष, सत्य, न्याय और मानवीय संवेदनाओं को अभिव्यक्त किया। श्रोताओं ने कवियों की प्रस्तुतियों की सराहना की।
कवि कर्मराज शर्मा तुकांत ने अपनी रचना ''सबको मिलना पाना खोना छोड़ दिया, हाथ मिला के सबका होना छोड़ दिया'' सुनाई। अनुपम पांडेय ने ''धर्म भले फिर धारण होगा, युद्ध छिड़ा है, पारण होगा'' सुनाकर श्रोताओं की तालियां बटोरीं। पुष्कर सुल्तानपुरी ने अपनी रचना ''जो द्वेष, दंभ, छल काट-छांट कर, बीज प्रेम के बोते हैं। प्रतिकूल परिस्थितियों में जो, साहस व सृजन पिरोते हैं'' सुनाई। डाॅ. सत्या पंडित की पंक्तियों और अभिमन्यु शुक्ला तरंग ने विघ्नहर्ता देव की स्तुति कर लोगों का मन मोह लिया।
इस अवसर पर नरेंद्र अग्रहरि, विशाल जायसवाल, शेषनाथ सिंह, शिव कुमार, रामराज जायसवाल, सचिन जायसवाल, हिमांशु जायसवाल, अभिषेक अग्रहरि जैकी और मोहन लाल अग्रहरि सहित कई लोग मौजूद रहे।