रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर एक पर रखी प्लास्टिक बोतल क्रशर मशीन।
सुल्तानपुर। रेलवे स्टेशन पर प्लास्टिक कचरे की समस्या से निपटने के लिए रेलवे ने बड़ा कदम उठाया है। स्टेशन परिसर में जल्द ही चार प्लास्टिक बोतल क्रशर मशीनें स्थापित की जाएंगी। इन मशीनों के जरिये यात्री इस्तेमाल की गई प्लास्टिक बोतलों को सीधे मशीन में डाल सकेंगे, जिससे बोतलें तुरंत क्रश होकर रीसाइक्लिंग के लिए सुरक्षित रूप से एकत्रित हो जाएंगी। बाद में इन्हें रीसाइक्लिंग इकाइयों तक भेजा जाएगा, जहां इनसे नए उत्पाद तैयार किए जाएंगे।
स्थानीय रेलवे स्टेशन पर प्रतिदिन 36 से अधिक एक्सप्रेस, सुपरफास्ट, स्पेशल और पैसेंजर ट्रेनों का ठहराव होता है। रोजाना हजारों यात्रियों की आवाजाही के कारण बड़ी मात्रा में प्लास्टिक बोतलों का कचरा निकलता है। इसे देखते हुए रेलवे ने प्लेटफॉर्म नंबर एक, दो और तीन पर चार क्रशर मशीनें लगाने की योजना तैयार की है। इससे यात्री बोतलों को इधर-उधर फेंकने के बजाय सीधे मशीन में डालेंगे, जिससे स्टेशन परिसर अधिक स्वच्छ और व्यवस्थित रहेगा। यह पहल रेलवे के स्वच्छता अभियान और सिंगल यूज प्लास्टिक पर नियंत्रण की दिशा में भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
वैज्ञानिक तरीके से होगा प्लास्टिक कचरे का निस्तारण
मुख्य वाणिज्य निरीक्षक (सीएमआई) विवेक त्रिपाठी ने बताया कि प्लास्टिक बोतल क्रशर मशीनें लगने से प्लास्टिक कचरे का वैज्ञानिक ढंग से निस्तारण संभव होगा। इससे प्लेटफॉर्म और पटरियों के आसपास बिखरने वाली प्लास्टिक बोतलों पर रोक लगेगी। साथ ही स्टेशन की स्वच्छता व्यवस्था सुधरेगी। यात्रियों में भी स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।