सुल्तानपुर। दवा से दर्द तो कम हो सकता है, लेकिन चोट, बीमारी या सर्जरी के बाद शरीर की खोई ताकत और गति लौटाने के लिए लोग अब दवाओं के साथ फिजियोथेरेपी को भी अहम विकल्प मान रहे हैं। मेडिकल कॉलेज के फिजियोथेरेपी विंग में रोजाना 50 से 70 मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज के फिजियोथेरेपी विशेषज्ञ डॉ. जयकृष्ण दुबे ने बताया कि मरीज की समस्या के अनुसार उपचार योजना तैयार की जाती है। इसमें व्यायाम और मांसपेशियों की कसरत के जरिए मरीजों को दैनिक गतिविधियां दोबारा शुरू करने और आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलती है।
फिटनेस से लेकर बुजुर्गों तक है उपयोगी
डॉ. दुबे ने बताया कि फिजियोथेरेपी का लाभ केवल बीमार या चोटिल लोगों तक सीमित नहीं है। एथलीट व फिटनेस प्रेमी मांसपेशियों का लचीलापन और संतुलन बेहतर बनाने के लिए इसका उपयोग करते हैं, वहीं बुजुर्गों में गतिशीलता बढ़ाने में भी यह बेहद सहायक है।