सुल्तानपुर। एमपी-एमएलए कोर्ट के स्पेशल सेशन जज राकेश यादव की अदालत ने सांसद राहुल गांधी के खिलाफ दाखिल निगरानी याचिका पर मंगलवार को फैसला सुनाया। अदालत ने मजिस्ट्रेट कोर्ट के आदेश को उचित ठहराते हुए याचिका खारिज कर दी। अदालत के इस आदेश से 12 साल पुराने मामले में राहुल गांधी को बड़ी राहत मिली है।
कोतवाली नगर के घरहाखुर्द निवासी मो. अनवर ने 24 अक्तूबर 2013 को एक चुनावी जनसभा के दौरान विवादित टिप्पणी करने का आरोप लगाते हुए सांसद राहुल गांधी के खिलाफ एमपी-एमएलए कोर्ट में परिवाद दाखिल किया था। इसमें अनवर ने मुजफ्फरनगर दंगा पीड़ित मुस्लिम युवकों पर विवादित टिप्पणी करने से आहत होने की बात कही थी। एमपी-एमएलए कोर्ट के स्पेशल मजिस्ट्रेट शुभम वर्मा की अदालत ने अर्जी को निराधार मानते हुए बीते 30 जनवरी को खारिज कर दिया था।
मजिस्ट्रेट कोर्ट के इस फैसले को चुनौती देते हुए अनवर ने जिला जज की अदालत में निगरानी याचिका दाखिल की थी। यह मामला स्पेशल जज एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट में ट्रांसफर होकर विचाराधीन था। मामले में राहुल गांधी के अधिवक्ता ने पेश होकर अपने तर्क पेश किया व मजिस्ट्रेट कोर्ट के आदेश को उचित बताया। वहीं, परिवादी के अधिवक्ता ने मजिस्ट्रेट कोर्ट के आदेश को निरस्त करने की मांग की। दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायमूर्ति राकेश यादव ने मजिस्ट्रेट कोर्ट के आदेश में किसी प्रकार की त्रुटि नहीं पाते हुए निगरानीकर्ता की याचिका खारिज कर दी है।