ध्वस्त हो चुके विद्युत आपूर्ति रोस्टर से परेशान किसानों का धैर्य बृहस्पतिवार को जवाब दे गया। लगातार हो रही अघोषित कटौती से नाराज किसानों ने न सिर्फ एक्सईएन दफ्तर का घेराव किया बल्कि भवन का मुख्य द्वार बंद कर कर्मचारियों को बंधक बना लिया।
किसान तब शांत हुए जब मौके पर पहुंचे एक्सईएन ने रोस्टर के अनुरूप आपूर्ति का आश्वासन दिया। किसानों व ग्रामीणों ने रोस्टर के मुताबिक आपूर्ति नहीं होने पर उग्र आंदोलन का अल्टीमेटम दिया है।
बदहाल विद्युत आपूर्ति से नाराज लोग किसान नेता रीता सिंह की अगुवाई में एक्सईएन विद्युत वितरण खंड-1 के दफ्तर पहुंचे और हंगामा शुरू कर दिया। किसानों व ग्रामीणों की नाराजगी का आलम यह था कि उन्होंने कार्यालय भवन का मुख्य गेट बंद कर अंदर मौजूद कर्मचारियों को बंधक बना लिया।
किसानों के घेराव की सूचना मिलते ही अधिशासी अभियंता भरत सिंह मौके पर पहुंचे। किसानों का आक्रोश तब शांत हुआ जब एक्सईएन ने उन्हें रोस्टर के मुताबिक कटौती मुक्त आपूर्ति का आश्वासन दिया। इस मौके पर किसानों ने एक्सईएन को एक मांग पत्र भी सौंपा।
मांग पत्र में किसानों ने भीषण गर्मी को देखते हुए अघोषित बिजली कटौती तत्काल बंद करने व रोस्टर के अनुसार विद्युत आपूर्ति करने, अफुइया गांव में पिछले आठ माह से खराब पड़े विद्युत ट्रांसफार्मर को बदलवाने व रामनगर फीडर में बीते 10 दिनों से लगातार रात में बंद होने वाली आपूर्ति को सुचारू करवाने की मांग की है।
किसानों ने कहा कि उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। इस मौके पर रानी, श्यामा, शिव बहादुर सिंह व शिवशंकर सिंह आदि करीब 150 किसान मौजूद रहे।