जिला प्रशासन की ओर से किए गए फुलप्रूफ इंतजामों के बावजूद शाहगढ़ ब्लॉक के मतगणना केंद्र पर उस समय हंगामा खड़ा हो गया जब अफोइया की काउंटिंग के दौरान प्रत्याशियों ने पड़े मतों से कम मत निकलने का आरोप लगाया। हालांकि बाद में प्रशासन ने प्रत्याशियों को समझा बुझाकर शांत कराते हुए देर शाम नतीजा घोषित कर दिया।
ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत सदस्य का चुनाव शांतिपूर्वक संपन्न होने के बाद रविवार सुबह सात बजे शुरू हुई मतगणना भी देर शाम शांतिपूर्ण माहौल में समाप्त हो गई। हालांकि इस दौरान शाहगढ़ के जीजीआईसी स्थित मतगणना केंद्र पर अफोइया की काउंटिंग के दौरान हंगामा खड़ा हो गया। हंगामा खड़ा करने वाले ग्राम प्रधान पद प्रत्याशी अनिरुद्ध शुक्ल का कहना था कि मतदान के दौरान बूथ संख्या 41 पर 677 व बूथ संख्या 42 पर 592 पड़े थे।
जबकि गणना के दौरान बूथ संख्या 41 पर 663 व बूथ संख्या 42 पर मात्र 591 मत ही निकले। अनिरुद्ध के साथ ही अन्य प्रत्याशी भी इस बात पर अड़ गए कि बैलेट बॉक्स से 15 वोट कहां चले गए। हालांकि बाद में प्रशासन ने लोगों को समझा बुझाकर हटाने के बाद देर शाम यहां का परिणाम घोषित कर दिया। पुलिस प्रशासन की ओर से किए गए खास इंतजामों के बावजूद कई केंद्रों के बाहर जुटी लोगों की भीड़ को नियंत्रित करने में जवानों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। मतगणना को निष्पक्ष व समयबद्ध समाप्त किया जा सके इसके लिए जिलाधिकारी जगतराज त्रिपाठी, एसपी हीरालाल, एडीएम एसएन यादव, एएसपी टीएन त्रिपाठी आदि लगातार भ्रमणशील रहे।
उत्साह के सामने बेमानी आदेश
राज्य निर्वाचन आयोग के आदेश पर जिला निर्वाचन अधिकारी जगतराज त्रिपाठी ने विजय जुलूस निकालने व हर्ष फायरिंग पर प्रतिबंध लगाया था। बावजूद इसके तकरीबन सभी मतगणना केंद्रों से चुनाव जीतकर बाहर निकलने वालों ने न सिर्फ डीजे व गाजे-बाजे के साथ विजय जुलूस निकालकर शक्ति प्रदर्शन किया बल्कि जमकर आतिशबाजी भी की। विवाद नहीं बढ़े इसके लिए मौके पर मौजूद अधिकारियों ने भी इस पर चुप्पी साध ली।
कई मतगणना केंद्रों पर देर से शुरू हुई काउंटिंग
प्रशासन ने जिले के सभी 13 मतगणना केंद्रों पर सुबह सात बजे से काउंटिंग शुरू कराने का निर्देश जारी किया था। मतगणना निर्धारित समय पर शुरू हो सके इसके लिए सभी केंद्रों पर तैनात कार्मिकों को एक दिन पूर्व काउंटिंग स्थल पर पहुंचने को कहा गया था। आदेश का अनुपालन कराने के लिए मतगणना मजिस्ट्रेट नामित किए गए थे। बावजूद इसके बाजार शुकुल सहित तकरीबन सभी ब्लॉकों में मतगणना निर्धारित समय पर प्रारंभ नहीं हो सकी।
कहीं खुशी तो कहीं गम का माहौल
पंचायत चुनाव की मतगणना पूरी होने के बाद कहीं खुशी तो गम का माहौल रहा। चुनाव जीतने वालों के साथ ही उनके समर्थकों के चेहरे जहां खुशी से लबरेज रहे वहीं हारने वालों के चेहरे लटके नजर आए। जिले के सभी गांवों में भी चुनाव जीतने वालों के समर्थक खासे उत्साहित रहे।