सुल्तानपुर। पांच दिन पूर्व एसयूवी की टक्कर से घायल किशोर की शनिवार की सुबह ट्रॉमा सेंटर लखनऊ में मौत हो गई। मौत से नाराज परिवारीजनों ने एसयूवी पर सवार चार लोगों पर बेटे की हत्या का आरोप लगाते हुए गोसाईगंज थाने के सामने शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। पुलिस की ओर से मृतक की मां की तहरीर पर चार लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किए जाने के बाद लोग शांत हुए।
गोसाईगंज थाना क्षेत्र के बेलहरी गांव की रहने वाली असगरी निशा पत्नी सफदर हुसैन का बेटा शानू उर्फ शादाब शाह (14) बीते 30 नवंबर की शाम को साइकिल से घर लौट रहा था। रास्ते में एक एसयूवी ने शानू को रौंद दिया था।
शानू को परिवारीजन लेकर जिला अस्पताल पहुंचे थे, जहां चिकित्सकों ने उसे ट्रॉमा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया था। शनिवार को इलाज के दौरान शानू की ट्रॉमा सेंटर लखनऊ में मौत हो गई। लखनऊ में पोस्टमॉर्टम कराने के बाद जब शव घर पहुंचा तो कोहराम मच गया।
परिवारीजन शव लेकर गोसाईगंज थाने के पास पहुंचे और शव सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। असगरी निशा ने आरोप लगाते हुए कहा कि 28 नवंबर को शानू अपने मामा तौफीक के घर सुरौली छोटी तकिया गया था। सुरौली में मेरे भाई तौफीक व शानू का विवाद प्रधानी की पार्टी बंदी को लेकर इंद्रसेन यादव, जितेंद्र यादव पुत्रगण जगन्नाथ यादव से हुआ था।
दोनों ने उनके भाई व बेटे को देख लेने की धमकी दी थी। विवाद के बाद बेटे के घर लौटते समय इंद्रसेन यादव, जितेंद्र यादव, साधू यादव, दुर्गा प्रसाद पांडेय निवासीगण सुरौली पांडेयपुर थाना गोसाईगंज ने एसयूवी चढ़ाकर मारने का प्रयास किया था। घटना को गांव के बहुत से लोगों ने देखा था और इसकी सूचना पुलिस को दी थी। इसके बावजूद पुलिस ने केस नहीं दर्ज किया।
जाम की सूचना मिलते ही एसओ ओमवीर सिंह चौहान पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। एसओ ने आश्वासन दिया कि उनकी तहरीर पर केस दर्ज किया जाएगा। करीब एक घंटे बाद लोग शांत हुए जाम खोला। एसओ ओमवीर सिंह चौहान ने बताया कि असगरी निशा की तहरीर पर चार लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया गया है।