सुल्तानपुर। पंचायतों व अन्य विभागों की ओर से मनरेगा के तहत कराए गए कार्यों में सामग्री मद के करीब 43 करोड़ रुपये का भुुगतान अभी नहीं हो सका है।
सामग्री मद में बजट के अभाव से बकाया भुगतान बढ़ता जा रहा है। हालांकि मनरेगा के लेबर बजट के भी एक करोड़ 29 लाख रुपये बकाया है। यह बजट समय-समय पर जारी होने से बकाया ज्यादा नहीं बढ़ पा रहा है।
मनरेगा से कराए जाने वाले कार्यों के भुगतान में ग्राम प्रधानों की कोई भूमिका न होने से भुगतान पर कोई असर नहीं पड़ा है। शासन से लेबर बजट की धनराशि समय-समय पर जारी होने से जॉब कार्डधारकों का तकरीबन नियमित भुगतान चल रहा है।
विभाग के मुताबिक मौजूूदा समय में जिले के 979 ग्राम पंचायतों के सापेक्ष 848 ग्राम पंचायतों में मनरेगा का 2824 कार्य चल रहा है। इसमें 17,947 जॉब कार्डधारक रोजगार पा रहे हैं। मौजूदा समय में लेबर बजट का एक करोड़ 29 लाख रुपये बकाया चल रहा है। हालांकि इसके सापेक्ष बजट के अभाव में सामग्री का भुगतान महीनों से नहीं हो सका है।
सूत्रों के मुताबिक मनरेगा के सामग्री मद में काफी दिनों से पर्याप्त धनराशि शासन से आवंटित नहीं हो सकी। इसकी वजह से सामग्री मद का करीब 43 करोड़ रुपये का भुगतान नहीं हो सका है। मनरेगा के चल रहे कार्य में सामग्री का उपयोग आए दिन होने से इस मद का बकाया भुगतान बढ़ता जा रहा है।
मनरेगा उपायुक्त विनय श्रीवास्तव का कहना है कि मनरेगा के भुगतान में ग्राम प्रधान का कोई रोल नहीं होता। मनरेगा का भुगतान प्रक्रिया पूरी होने पर खंड विकास अधिकारी करते हैं। इसकी वजह से भुगतान पर कोई असर नहीं है। सामग्री मद में बजट से अभाव से बकाया बढ़ा है।