कटका बाजार में ई-रिक्शा पर ढोया जा रहा सामान। संवाद
सुल्तानपुर। ई रिक्शा चालकों की मनमानी शहर से लेकर कस्बों तक जारी है। सवारियों के लिए पंजीकृत ई रिक्शा अब माल ढोने में जुटे हैं। कई ई रिक्शा चालक नियमों की अनदेखी कर भारी सामान लादकर सड़कों पर फर्राटा भर रहे हैं। ऐसे वाहनों से अक्सर दुर्घटनाओं की आशंका लगातार बढ़ रही है। परिवहन विभाग भी ई रिक्शों से नजर फेरे हुए हैं।
परिवहन विभाग के अनुसार, जिले में लगभग 10 हजार ई-रिक्शा सवारी ढोने के लिए पंजीकृत हैं। कई चालक ई रिक्शों पर क्षमता से अधिक सामान लादकर परिवहन कर रहे हैं। बाजार और प्रमुख मार्गों पर ऐसे वाहन तेज गति से गुजरते देखे जा सकते हैं। इनसे कभी भी बड़ा हादसा होने का खतरा बना रहता है।
यात्रियों ने ई-रिक्शा पर अपने सफर के अनुभव किए साझा
रामजी वर्मा ने बताया कि बीते दिनों पयागीपुर चौराहे से ई-रिक्शा में बैठकर शहर की तरफ जा रहा था। रास्ते में गड्ढा आने पर वाहन एक तरफ झुक गया और हम लोग गिरते-गिरते बचे। सियाराम मौर्य ने कहा कि चौक से घर जाने के लिए ई रिक्शा में बैठे थे। चालक ने पीछे काफी भारी सामान भी रख लिया था। रिक्शा महुअरिया मोड़ पर असंतुलित हो गया। अमित मिश्र ने बताया कि स्टेशन से ई रिक्शा में बैठा था। बीच रास्ते में चालक ने कुछ और सामान भी लाद लिया।
अभियान चलाकर की जाएगी कड़ी कार्रवाई
एआरटीओ प्रशासन अलका शुक्ला ने बताया कि ई-रिक्शा सवारी ढोने के लिए पंजीकृत होते हैं। उनसे माल ढुलाई करना नियमों के खिलाफ है। यदि कोई चालक ऐसा करते हुए पाया जाता है तो उसके खिलाफ अभियान चलाकर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।