सुल्तानपुर। बस स्टेशन पर यात्रियों तक संचालित रोडवेज बसों की लाइव लोकेशन पहुंचाने का दावा कागजी साबित हो रहा है। साल भर बीतने के बाद भी यात्रियों को एलईडी स्क्रीन पर बसों का अपडेट न मिलने से बसों के इंतजार में काफी परेशानी उठाना पड़ रही है। पूछताछ केंद्र पर किसी भी कर्मचारी की तैनाती न होने से यात्रियों को बसों के आगमन व प्रस्थान की सही जानकारी भी नहीं मिल पाती है। इस कारण गंतव्य तक पहुंचने के लिए घंटों बस का इंतजार करना पड़ता है।
परिवहन निगम ने 21 सितंबर 2024 को यात्रियों की सुविधा के लिए ऑनलाइन शेड्यूल के अनुसार बसों का संचालन करने की योजना शुरू की थी। इसके तहत बस स्टेशन पर लगी एलईडी स्क्रीन पर बसों के पहुंचने और छूटने का समय यात्रियों को दिखाए जाने का इंतजाम किया जाना था। नई व्यवस्था में एलईडी स्क्रीन के माध्यम से यात्रियों को बसों की लाइव लोकेशन का पता भी चलना था। इसके लिए बसों में जीपीएस सिस्टम लगाए जाने थे, जो सीधे कंट्रोल रूम से जुड़े रहते।
परिवहन निगम ने इसके लिए सभी बस स्टेशनों के क्षेत्रीय प्रबंधकों को निर्देश भी जारी किया था। आदेश का पालन करने के लिए डिपो से संचालित विभिन्न रूटों की बसों का डेटा भी फीड करवा दिया गया था। लेकिन जिम्मेदारों की शिथिल कार्यप्रणाली के चलते एक साल बीत जाने के बाद भी बसों की लाइव लोकेशन की व्यवस्था डिपो की एलईडी स्क्रीन पर दिखाने की व्यवस्था शुरू नहीं हो सकी है।
बस का इंतजार करने स्टेशन पर मौजूद यात्री सरिता, विनोद कुमार, शिखा और रंजीत यादव ने बताया कि एलईडी स्क्रीन पर लाइव लोकेशन की बात तो दूर, यहां पूछताछ केंद्र पर भी कोई कर्मचारी नहीं दिखता। ऐसे में बसों के आगमन व प्रस्थान के बारे में सहीं सूचना न मिल पाने से यात्रा में काफी परेशानी उठाना पड़ती है।
20 हजार यात्री झेल रहे परेशानी
रोडवेज अधिकारियों के मुताबिक, सुल्तानपुर डिपो से विभिन्न रूटों पर प्रतिदिन 15-20 हजार यात्री सफर करते हैं। इन्हें रोजाना बसों के आवागमन की जानकारी को लेकर परेशानी होती है। कई यात्रियों को गंतव्य तक जाने के लिए घंटों बसों का इंतजार करना पड़ता है। फिर भी उन्हें सही स्थिति की जानकारी नहीं हो पाती है।
सभी 155 बसों में लगे जीपीएस सिस्टम
डिपो के बेड़े में 155 बसें शामिल हैं। इसमें 91 निगम की और 64 अनुबंधित बसे हैं। स्टेशन इंचार्ज नान्हूराम सरोज ने बताया कि सभी बसों में जीपीएस सिस्टम लगे हैं। बस स्टेशन परिसर में लगी एलईडी स्क्रीन की कनेक्टिविटी लखनऊ मुख्यालय से जुड़ना बाकी है। इसके क्रियान्वयन के लिए बस अड्डे के स्तर से कुछ नहीं किया जा सकता है।