सुल्तानपुर। अलग-अलग कारणों से सब्जियों के दाम आसमान पर पहुंच गए हैं। किलो के बजाय दुकानदार पाव का भाव बताकर सब्जी बेच रहे हैं। आम आदमी भी पाव के हिसाब से सब्जियां खरीद रहा है। आलू, कद्दू, परवल, मिर्चा समेत कई सब्जियों के भाव शीर्ष पर हैं। अधिकतर ग्राहक दाम पूछकर ही आगे बढ़ जा रहे हैं।
दो महीने से लगातार हो रही बरसात ने जहां धान की फसल को संजीवनी दी है वहीं, सब्जी किसानों की कमर टूट गई है। हालत यह है कि सब्जियों के दाम आसमान छू रहे हैं। दुकनदार अब किलो की जगह पाव में भाव बता रहे हैं।
अधिकतर ग्राहक सब्जियों के भाव सुनकर ही आगे बढ़ जा रहे हैं। पखवारे भर पहले पांच रुपये किलो में बिकने वाला नेनुआ 50 रुपये तक पहुंच गया है। हरी धनिया 200 रुपये किलो, हरा मिर्चा 100 रुपये किलो में बिक रहा है।
परवल और बैंगन जहां 80 रुपये में बिक रहे हैं तो वहीं बोड़ा 40 रुपये किलो तक पहुंच गया है। कद्दू 20 व लौकी 25 रुपये के अपने शिखर पर पहुंचकर लोगों को खाने के बजाय दांतों तले अंगुली दबाने पर मजबूर किए है।
कुनरू भी 30 रुपये किलो में बिक रहा है। टमाटर 80 से 100 रुपये किलो तो पालक भी 40 रुपये किलो बिक रही है। मूली भी 100 रुपये किलो में बिक रही है। इन सब के बीच कटहल सबसे सस्ता 10 रुपये व प्याज 25 रुपये किलो है। सब्जी विक्रेता वेद प्रकाश गुप्त ने बताया कि तीन दिनों की बरसात के बाद ग्रामीण क्षेत्र की सब्जी की आमद मंडी में बंद हो गई है। बाहर से सब्जी आ रही है, जो दोगुने दाम तक बिक रही है।
स्थानीय विकास खंड क्षेत्र के धरौली गांव निवासी किसान अमित मिश्र कहते हैं कि बारिश ने जहां फसलों को नष्ट किया है, वहीं बची सब्जियों में अच्छा मुनाफा मिल रहा है। अमित के खेत में भिंडी व लौकी की फसल तैयार है।
वहीं सोनबरसा के किसान हरगोविंद सिह का दस बीघा करेला तैयार है, जो 30 रुपये किलो बिक रहा है। टमाटर के बीज की नर्सरी डाले हैं। सोनबरसा के ही किसान बब्लू सिंह का लौकी और करेला की फसल तैयार है। वहीं, वे पत्तागोभी और फूलगोभी की पौध तैयार करने में जुटे हैं।