इस भूखंड के इस्तेमाल के लिए खेल विभाग की ओर से दो साल से लिखापढ़ी की जा रही है लेकिन लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों की उदासीनता के चलते समस्या का हल नहीं निकल पा रहा है। शहर के सिविल लाइंस स्थित पंत स्पोर्ट्स स्टेडियम ग्राउंड का दायरा तकरीबन पांच एकड़ से अधिक है।
निर्माण के वक्त बनाया गया व्यायाम मंदिर पुराना होने के चलते जर्जर हो चुका है। स्टेडियम के बीचो-बीच बना यह भवन अब निष्प्रयोज्य हो चुका है। करीब 400 मीटर भूखंड क्षेत्र में खड़ी इस जर्जर इमारत के हटने से स्टेेडियम के दायरे में इजाफा होगा।
इसके लिए खेल विभाग ने इस जर्जर भवन की नीलामी करनेे का फैसला लिया। दो वर्षों से लगातार जर्जर भवन की लागत निर्धारित करने के लिए लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता को पत्र भेजा रहा है। दो वर्ष के अंतराल में लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को जर्जर भवन की कीमत का आकलन करने के लिए वक्त नहीं मिला।
ठीक इसी तरह स्टेडियम के दक्षिणी छोर पर भी एक पुराना चेंजिंग रूम जर्जर हालत में है। उसकी मालियत का आकलन करने के लिए लोक निर्माण विभाग अधिकारियों को पत्र भेजा गया लेकिन समस्या का हल नहीं निकल सका है।
जर्जर भवन हटने के बाद बढ़ेगा दायरा
खेल विभाग के अधिकारियों की मानें तो जर्जर भवन हटने के बाद तकरीबन 400 मीटर का दायरा बढ़ जाएगा। इससे खास तौर पर एथलेटिक्स का अभ्यास करने वाले खिलाड़ियों को सुविधा मिलेगी। अन्य खिलाड़ियों को भी सहूलियत होगी।
दो साल से की जा रही लिखा-पढ़ी
जिला क्रीड़ा अधिकारी भानु प्रसाद ने बताया कि वर्ष 2013 से लोक निर्माण विभाग को सात बार पत्र भेजा जा चुका है। बावजूद इसके आज तक संबंधित अधिकारी जर्जर भवन की कीमत का आकलन करने के लिए नहीं आए। इससे खिलाड़ियों को अभ्यास करने में काफी असुविधा होती है।