स्ट्रांग रूमों की सुरक्षा से बुधवार को अचानक पीएसी हटा लिए जाने से बवाल शुरू हो गया है। बैलेट बॉक्स की सुरक्षा में लगाई गई स्थानीय पुलिस व प्रशासन पर संदेह जताते हुए प्रत्याशियों ने गड़बड़ी की आशंका जताई है। भाजपा ने शासन के इस आदेश के खिलाफ ज्ञापन देकर आयोग से पीएसी की सुरक्षा में स्ट्रांग रूम रखने की मांग की है।
तीन चरणों का पंचायत चुनाव की स्ट्रांग रूमों में रखी गई मतपेटियों की सुरक्षा से बुधवार को अचानक पीएसी हटा लिए जाने से जिले में बवाल शुरू हो गया है। पीएसी हटाकर स्ट्रांग रूमों की सुरक्षा में स्थानीय पुलिस लगाए जाने की सूचना मिलते ही प्रत्याशियों में खलबली मच गई है। सुरक्षा से पीएसी हटते ही प्रत्याशियों ने बेमानी की आशंका जताते हुए शासन एवं प्रशासन पर आरोप मढ़ना शुरू कर दिया है। स्ट्रांग रूम से पीएसी की सुरक्षा हटते ही भाजपा भी मुखर हो गई है। भाजपा ने स्ट्रांग रूमों से पीएसी की सुरक्षा हटाने को लेकर शासन व प्रशासन की नीयत पर संदेह जताया है। भाजपा ने आयोग से स्ट्रांग रूमों की पुख्ता सुरक्षा की मांग की है।
एडीजी के निर्देश पर हटाई गई पीएसी
अपर पुलिस अधीक्षक प्रद्युम्न सिंह ने बताया कि दुर्गा पूजा महोत्सव को देखते हुए एडीजी के आदेश पर स्ट्रांग रूमों की सुरक्षा से पीएसी हटाई गई है। यह निर्णय स्थानीय स्तर का नहीं है। वहीं अपर जिलाधिकारी प्रशाससन कृष्णलाल तिवारी ने बताया कि यदि कोई प्रत्याशी चाहे तो वह स्ट्रांग रूम के बाहर निगरानी के लिए अपने लोगों को लगा सकता है। प्रशासन से इसकी अनुमति लेनी होगा।