सुल्तानपुर। लंभुआ क्षेत्र के मामपुर गांव निवासी सुशील सिंह ने 16 मार्च 2018 को जिला उपभोक्ता आयोग में भारतीय स्टेट बैंक की लंभुआ शाखा के प्रबंधक व जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड ईस्ट मुंबई के प्रबंधक के खिलाफ परिवाद दायर किया था।
परिवादी सुशील सिंह भारतीय स्टेट बैंक से वित्तीय सहायता प्राप्त करके खाद, बीज व दवा का व्यवसाय करते हैं। उन्होंने 20 लाख रुपये का बीमा भारतीय स्टेट बैंक व जनरल इंशयोरेंस कंपनी लिमिटेड ईस्ट मुंबई से कराया था, जो 12 अक्तूबर 2016 तक वैध था। आरोप है कि 12 अप्रैल 2016 को दुकान मालिक ने कई अन्य लोगों के साथ आकर उनके साथ मारपीट की थी और दुकान में रखा सारा सामान तोड़कर सड़क पर फेंक दिया था। सुशील ने मामले की सूचना बीमा कंपनी को देकर क्षतिपूर्ति की मांग की थी, लेकिन नुकसान की भरपाई नहीं की गई।
आयोग के अध्यक्ष रामलखन सिंह चंद्रौल व सदस्य भारत भूषण तिवारी ने भारतीय स्टेट बैंक व जनरल इंश्योरेंस कंपनी को आदेश दिया है कि वह परिवादी सुशील सिंह को दो माह में 2,91,000 रुपये की क्षतिपूर्ति का भुगतान करे। परिवादी को शारीरिक व मानसिक कष्ट के लिए दो हजार रुपये और वाद व्यय के लिए एक हजार रुपये का भी भुगतान करे।
वित्तीय अनियमितता की जांच रिपोर्ट पर मांगा स्पष्टीकरण
सुल्तानपुर। बार एसोसिएशन में हुई वित्तीय अनियमितता की जांच कराने का निर्णय साधारण सभा ने 17 अक्तूबर को लिया था।
बार एसोसिएशन की एडवाइजरी बोर्ड ने दो कार्यकाल की वित्तीय जांच/ऑडिट रिपोर्ट बार एसोसिएशन अध्यक्ष रणजीत सिंह त्रिसुंडी को सौंप दी है। सचिव रमाशंकर पांडेय ने बताया कि पूर्व अध्यक्ष अरविंद पांडेय व पूर्व सचिव आर्तमणि मिश्र और पूर्व अध्यक्ष नागेंद्र सिंह व पूर्व सचिव राकेश श्रीवास्तव से 15 दिनों में स्पष्टीकरण मांगा गया है। (संवाद)