सुल्तानपुर। शासन की रोक व प्रतिबंध के बाद भी जिले में 50 मॉइक्रान से कम की पॉलिथीन खुलेआम बिक रही है। सब्जी, गारमेंट से लेकर जनरल स्टोर समेत अन्य सभी दुकानों पर पॉलिथीन में लोगों को सामान दिया जा रहा है। जिले में पॉलिथीन प्रतिबंध का कोई असर नहीं दिख रहा है।
प्रदेश सरकार की ओर से 50 माइक्रॉन से कम वाली पॉलिथीन के प्रयोग व बिक्री पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। प्रतिबंध के बाद भी पॉलिथीन बेचने वाले के खिलाफ कठोर कार्रवाई का निर्देश दिया गया है।
इसके लिए सभी जिले में जिला प्रशासन व नगर निकाय के अधिकारियों की टीम गठित कर कार्रवाई के लिए आदेश भी दिया गया है।
जिले में पॉलिथीन को लेकर लगाया गया प्रतिबंध बेअसर साबित हो रहा है। शहर में पॉलिथीन प्रतिबंध अभियान दम तोड़ चुका है। शहर में धड़ल्ले से रोजाना करीब एक क्विंटल पॉलिथीन का प्रयोग हो रहा है।
पिछले दिनों नगर पालिका की ओर से शहर में चेकिंग अभियान चलाया गया था। दो जुलाई को शहर के मुरारीदास की गली में एडीएम एफआर उमाकांत त्रिपाठी के नेतृत्व में चेकिंग की गई।
चेकिंग में करीब दो क्विंटल से अधिक पॉलिथीन बरामद हुई। इसमें थर्माकोल की थालियां, प्लास्टिक के गिलास, कप समेत अन्य कई सामान शामिल थे। चेकिंग के दौरान तीन दुकानदारों पर तीन लाख व एक दुकानदार पर 20 हजार रुपये का जुर्माना करते हुए पॉलिथीन को जब्त कर लिया गया।
इस कार्रवाई का असर सिर्फ एक-दो दिन तक ही दिखा। फिर से शहर में अब दुकानों पर पॉलिथीन में सामान दिया जाने लगा है। तहसीलों क्षेत्रों में तो अभियान शून्य है।
शहर के सब्जी मंडी में स्थित सब्जी की दुकानों पर खुलेआम प्रतिबंधित पॉलिथीन में सब्जियां दी जा रही हैं। मंडी परिसर के एक छोर से लेकर दूसरे छोर तक सभी दुकानदार पॉलिथीन का प्रयोग धड़ल्ले से कर रहे हैं।
शहर के जिला अस्पताल के पास भी लोग पॉलिथीन में सामान लेकर जाते दिखे। यहां पर भी ठेलों पर सजी सब्जियों व फलों की दुकानों पर मौजूद दुकानदार पॉलिथीन में सामान खुलेआम सामान बेंच रहे हैं।
शहर के चौक घंटाघर इलाके में सड़क के किनारे दुकानदार पॉलिथीन की दुकान लगाते हैं। प्रत्येक रविवार को यहां पर दुकान लगाकर पॉलिथीन बेंची जाती है। लोग धड़ल्ले से पॉलिथीन खरीद रहे हैं।
नगर पालिका के अधिशाषी अधिकारी रविंद्र कुमार ने बताया कि शहर में फिर से पॉलिथीन की बिक्री पर रोक लगाने के लिए अभियान चलाया जाएगा। पॉलिथीन का प्रयोग करने वाले दुकानदारों को कई बार चेतावनी भी दी जा चुकी है।