सुल्तानपुर। करीब 23 साल पुराने फर्जीवाड़े के एक मामले में सीजेएम नवनीत सिंह की अदालत ने संज्ञान लिया है। बुधवार को अदालत ने लेखपाल बृजभूषण और कानूनगो मोहन लाल श्रीवास्तव सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया है। जगदीशपुर थाना प्रभारी को निष्पक्ष जांच के लिए निर्देशित किया गया है।
वादी मरियम निशा ने अमेठी जिले के जगदीशपुर से सीजेएम कोर्ट में अर्जी दी थी। उनकी माता बिट्टन मुसाफिरखाना तहसील के नियावा और छिटईकापुरवा-सिंदुरवा गांव की जमीन की खातेदार थीं। बिट्टन की मृत्यु 13 जून 2003 को हुई थी। उनकी मृत्यु के बाद मरियम, उनकी बहन हसीन और मौसी रफीकुल निशा के वारिसानों का नाम खतौनी पर विरासतन दर्ज होना था। नियावा गांव के आरोपी मो. उमर, लइक, अतीक, तजऊ और मुख्तार ने लेखपाल व कानूनगो से मिलीभगत की। उन्होंने अपना नाम खतौनी पर गलत तरीके से दर्ज करा लिया।
गलत नाम दर्ज होने का उठाया फायद
खतौनी पर गलत नाम दर्ज होने का नाजायज फायदा उठाया गया। कमरौली थाने के मंगरौला निवासी अकबर खान, जाफरगंज निवासी तनवीर अहमद और जान मोहम्मद सहित अन्य ने साजिशन भूमि का गलत तरीके से बैनामा करा दिया। इस मामले में उच्चाधिकारियों से शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद वादी ने अदालत की शरण ली। अदालत ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कर निष्पक्ष जांच के आदेश जारी किए हैं।