शहर के ओदरा स्थित पशु शव दाह गृह का जायजा लेते नपा चेयरमैन व ईओ। स्रोत-नगर पालिका
सुल्तानपुर। शहर में सड़क किनारे और खाली स्थानों पर मृत पशुओं के शव पड़े नहीं दिखाई देंगे। नगर पालिका ने शहर से सटे ओदरा गांव में 1.35 करोड़ रुपये की लागत से जिले के पहले आधुनिक विद्युत पशु शवदाह गृह का निर्माण पूरा कर लिया है। बुधवार को इसका सफल ट्रायल भी किया गया। नगर पालिका प्रशासन का दावा है कि 25 जून से पहले ही इसे आम उपयोग के लिए शुरू कर दिया जाएगा।
करीब डेढ़ वर्ष पहले नगर पालिका ने ओदरा स्थित अपनी भूमि पर पशु शवदाह गृह के निर्माण का कार्य शुरू कराया था। निर्माण पूरा होने के बाद प्लांट के लिए विद्युत कनेक्शन ले लिया गया है। मृत पशुओं के शवों का वैज्ञानिक और पर्यावरण अनुकूल तरीके से अंतिम निस्तारण किया जाएगा।
इसके संचालन के लिए नगर पालिका अलग से एक टीम गठित करेगी। यह टीम शहर के विभिन्न क्षेत्रों, सड़कों और सार्वजनिक स्थानों से मृत पशुओं के शवों को विशेष वाहनों के माध्यम से शवदाह गृह तक पहुंचाएगी। वहां से शवों को ट्रॉली पर रखकर सीधे दाह इकाई तक पहुंचाया जाएगा, जहां उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। शवदाह गृह में आने वाले प्रत्येक पशु के शव का रिकॉर्ड रखने की व्यवस्था भी की गई है। परिसर में गार्ड रूम, कार्यालय कक्ष, पेयजल और बैठने की सुविधाएं भी उपलब्ध रहेंगी।
नगर पालिका अध्यक्ष प्रवीन अग्रवाल ने बताया कि 25 जून से पहले पशु शवदाह गृह का संचालन शुरू कर दिया जाएगा, जिससे शहर में मृत पशुओं के निस्तारण की समस्या का स्थायी समाधान होगा। वहीं, अधिशासी अधिकारी लालचंद्र सरोज ने बताया कि बुधवार को किए गए ट्रायल में सभी व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं और प्लांट संचालन के लिए पूरी तरह तैयार है।