फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sultanpur News: मेडिकल कॉलेज के नए भवन में ओपीडी शुरू

Fri, 21 Mar 2025 12:33 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
विज्ञापन
नई बि​ल्डिंग में दवा काउंटर पर लगी भीड़।
विज्ञापन
सुल्तानपुर। मेडिकल कॉलेज के नए भवन में बृहस्पतिवार से ओपीडी शुरू हो गई। सुबह जब मरीज मेडिकल कॉलेज पहुंचे तो पुरानी बिल्डिंग के कमरों में ताला लगा था। पूछने पर बताया गया कि नई बिल्डिंग में ओपीडी चल रही है। मुख्य गेट बंद रहने के चलते मरीज व तीमारदार रास्ता ढूंढते हुए वहां पहुंचे। नई ओपीडी में जाने के लिए एक छोटा सा रास्ता बनाया गया है।
विज्ञापन


पहले दिन रजिस्ट्रेशन व दवा वितरण के लिए भू मंजिल पर चार काउंटर खोले गए। यहां महिला व पुरुष के लिए दो-दो काउंटर चलाए गए। इससे भीड़ पर काफी नियंत्रण रहा और लोगों को सहूलियत मिली। करीब 1756 नए मरीजों का पंजीकरण हुआ, जबकि 800 से अधिक पुराने परचों पर मरीजों का इलाज किया गया। दवा वितरण के लिए चार काउंटर संचालित मिले, फिर भी मरीजों व तीमारदारों की लंबी लाइन लगी रही।
खास ये कि ओपीडी तो नए भवन में शुरू कर दी गई है, लेकिन एक्सरे कक्ष पुराने भवन में ही है। इससे हड्डी के मरीजों को लंबी दौड़ लगानी पड़ी। नए भवन में आर्थो ओपीडी में दिखाने के बाद उन्हें एक्सरे के लिए पुराने भवन तक आना पड़ा। एक्सरे के साथ आयुष विंग और सांस विभाग भी पुराने भवन में चलाया जा रहा है।
विज्ञापन

बिल्डिंग नई, परेशानियां कई
मेडिकल कॉलेज की नई बिल्डिंग में शुरू हुई ओपीडी में पेट की बीमारी का इलाज कराने आए नन्हकू ने बताया कि सर्जरी वाले कक्ष के बाहर बेसिन के पास से पानी आ रहा था। इससे वह फर्श पर फिसल गए। आंख की बीमारी का इलाज कराने आए लालता प्रसाद ने बताया कि पांच मंजिल तक ओपीडी शुरू तो कर दी गई, लेकिन एक भी लिफ्ट चालू नहीं थी।

सीढि़यों के सहारे चढ़ने-उतरने में काफी परेशानी उठानी पड़ी। तीमारदार कुसुमा ने बताया कि ओपीडी कक्ष के सामने बैठने की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। महिलाएं व पुरुष भवन के मेन गेट की सीढि़यों पर बैठे थे। एक चिकित्सक ने बताया कि ओपीडी का कमरा काफी छोटा है और उसमें वेंटिलेशन की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। कमरे में कोई एसी व पंखा नहीं लगा है।

प्रिंटर खराब, मोबाइल में फोटो खींचकर दी एक्सरे रिपोर्ट
पुरानी बिल्डिंग में लगे एक्सरे विभाग का प्रिंटर बृहस्पतिवार को अचानक खराब हो गया। काफी देर तक मरम्मत की कोशिश की गई, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। सेवा प्रदाता फर्म को इसकी जानकारी दी गई, हालांकि अभी प्रिंटर सही होने में दो-तीन दिन का समय लगेगा। इस बीच एक्सरे जांच कराने आए लोगों को वैकल्पिक व्यवस्था के तहत उनके मोबाइल में कंप्यूटर स्क्रीन की फोटो खींचकर दी जा रही है। अलीगंज से आए भगेलूराम के पास स्मार्ट मोबाइल नहीं था, उन्हें कहा गया कि स्मार्ट मोबाइल लेकर आइए तो रिपोर्ट दी जाएगी।

जल्द ही दुरुस्त होंगी सभी सुविधाएं व व्यवस्थाएं
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सलिल श्रीवास्तव ने बताया कि ओपीडी का पहला दिन था। अभी कई सुविधाएं और व्यवस्थाएं दुरूस्त कराई जाएंगी। एक्सरे का प्रिंटर अचानक खराब हो गया तो वैकल्पिक व्यवस्था के तहत फोटो खींचकर दी जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें