सुल्तानपुर। मेडिकल कॉलेज में चिकित्सक अब मरीजों को बाहर से दवाएं नहीं लिख सकेंगे। कॉलेज प्रशासन ने इमरजेंसी से लेकर ओपीडी तक बाहर की दवाएं लिखने पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही इमरजेंसी में पहुंचने वाले मरीजों को ओपीडी में बैठे चिकित्सकों को देखने का निर्देश दिया है।
जिले को मेडिकल कॉलेज की सौगात मिलने के बाद जिला पुरुष और जिला महिला अस्पताल इसमें मर्ज हो गया है। मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक मरीजों को बाहर से दवाएं लिख रहे हैं। इसकी जानकारी मिलने पर कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सलिल श्रीवास्तव ने इसे गंभीरता से लिया है।
उन्होंने आदेश जारी करते हुए चिकित्सकों द्वारा बाहर से दवाएं लिखे जाने पर रोक लगा दी है। इमरजेंसी में पहुंचने वाले मरीजों को ओपीडी जाने की जरूरत नहीं होगी। ओपीडी में बैठे चिकित्सक खुद इमरजेंसी कक्ष में पहुंचकर मरीज का इलाज करेंगे। प्राचार्य के आदेश से चिकित्सकों में खलबली मची है।
ओपीडी के चिकित्सक खुद जाएंगे इमरजेंसी कक्ष
जो भी मरीज मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में पहुंचेगा, उसे वहीं पर तब तक भर्ती किया जाएगा, जब तक कि उसकी स्थिति सामान्य न हो जाए। ओपीडी के चिकित्सक खुद इमरजेंसी कक्ष में पहुंचकर उसका इलाज करेंगे। पूरे मामले की मॉनिटरिंग की जाएगी।
-डॉ. सलिल श्रीवास्तव, प्राचार्य