कोतवाली क्षेत्र के झाऊनेई मजरे मोचवा गांव में शुक्रवार को पुराने तालाब की खोदाई के दौरान प्राचीन दीवार के अवशेष मिले। करीब 15 फिट खोदाई के बाद जमीन के भीतर प्राचीन ईंटों की बनी करीब दो फिट चौड़ी दीवार मिली। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंचे उप जिलाधिकारी ने खोदाई का कार्य रोकवा दिया है। उन्होंने इसकी सूचना पुरातत्व विभाग को दी है।
अमेठी कोतवाली क्षेत्र के झाऊनेई मजरे मोचवा गांव में करीब आठ बीघा भूमि तालाब के नाम दर्ज है। ग्रामीणों ने करीब तीन बीघा खाली पड़े तालाब की मिट्टी निकालकर गहरा कर दिया है। शुक्रवार को ग्रामीण अपनी जरूरत के लिए तालाब से मिट्टी निकाल रहे थे। तभी करीब 15 फिट नीचे से प्राचीन ईंट से बनी दो फिट चौड़ी दीवार के अवशेष मिले। अवशेष मिलने के बाद भी ग्रामीणों ने करीब पांच फिट तक खोदाई जारी रखी।
बावजूद इसके ग्रामीण दीवार की नींव तक नहीं पहुंच सके। ग्रामीणों के मुताबिक यह तालाब करीब 150 वर्ष पुराना है। तालाब की खोदाई के दौरान प्राचीन दीवार के अवशेष का मिलना क्षेत्र में कौतूहल का विषय बना है। सूचना मिलने पर उपजिलाधिकारी अशोक कुमार कनौजिया ने मौके का निरीक्षण किया। एसडीएम ने ग्रामीणों को तालाब खोदाई करने से रोक दिया। एसडीएम ने बताया कि इसकी सूचना डीएम के जरिए पुरातत्व विभाग को भेजी गई है।