लखनऊ। टीबी मरीजों के संपर्क में रहने वाले परिजनों को संक्रमण से बचाने के लिए नई दवा सभी डाट्स केंद्रों पर मिल रही है। अब तीमारदारों को छह के बजाय तीन माह तक ही दवा खानी होगी।
राजधानी में डाट्स केंद्रों पर दस हजार से अधिक टीबी रोगी पंजीकृत हैं। जिले में 28 डाट्स केंद्रों पर दवा बांटी जा रही है। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. एके सिंघल के मुताबिक, अभी तक टीबी मरीज के साथ परिजनों को दवा खिलाई जाती थी। छह माह तक तीमारदार को रोजाना दवा खानी पड़ती थी। ऐसी में कई तीमारदार दवा बीच छोड़ देते थे। ऐसे में वह संक्रमण की चपेट में आ जाते थे। अब नई दवा तीमारदारों को दी जा रही है। यह हफ्ते में एक बार तीन माह तक खानी होगी।