शहर में लोगों को पीने का पानी मुहैया कराने के लिए नगर पालिका की ओर से पुरानी टंकियों की सफाई कराना किसी चुनौती से कम नहीं है। टंकियां इतनी जर्जर हैं और कोई भी कर्मचारी इनपर चढ़ने को तैयार नहीं है। शहरी क्षेत्र में अभी दो टंकियों से आपूर्ति की जा रही है। 22 ट्यूबवेलों से 25 वार्डों में होने वाली वाटर सप्लाई के लिए डोजर लगाए गए हैं। टंकियों के पानी की स्वच्छता के लिए क्लोरीनेशन कराया जाता है।
शहर में शुद्ध पेयजल आपूर्ति के लिए नगर पालिका की ओर से तमाम इंतजाम किए गए हैं लेकिन पानी की टंकियों की सफाई का कार्य चुनौती बना है। पुरानी जर्जर हो चुकी टंकियों में सफाई करने का खतरा उठाने को कोई कर्मचारी तैयार नहीं हैं। सप्लाई लाइन में डोजर व क्लोरीनेशन के जरिए पानी को शुद्ध करने का प्रयास किया जा रहा है। शहर में दो पानी की टंकियों से आपूर्ति दी जा रही है।
नगर पालिका स्थित पानी की टंकी की क्षमता 550 किलोलीटर की है। जलकल स्थित पानी की टंकी की क्षमता 250 किलोलीटर है। दोनों टंकियां काफी पुरानी और जर्जर हो चुकी हैं। अभी भी इन्हीं टंकियों के भरोसे शहर के विभिन्न स्थानों पर आपूर्ति की जा रही है। पालिका के अधिकारियों के मुताबिक दोनों टंकियों की सफाई का कार्य काफी जोखिम भरा है। इस वजह से कोई भी कर्मचारी पानी की टंकी की सफाई के लिए तैयार नहीं है। ऐसे में सप्लाई लाइन में डोजर लगाकर क्लोरीनेशन का कार्य किया जा रहा है।
इसके अलावा शहर में 22 ट्यूबवेलों से सप्लाई दी जा रही है। पानी की अशुद्धियों को दूर करने के लिए 22 डोजर मशीन लगाई गई है। इन मशीनों के संचालन के लिए तीन फिटर को पालिका की ओर से तैनात किया गया है जो नियमित मशीनों का निरीक्षण करते हैं।