जिला अस्पताल और जिला महिला अस्पताल में सुरक्षा के कोई बंदोबस्त नहीं हैं। आए दिन चिकित्सक और स्वास्थ्य कर्मियों की पिटाई अब आम बात हो गई है। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई बार चिकित्सकों से लेकर स्वास्थ्य कर्मियों ने धरना-प्रदर्शन कर स्वास्थ्य सेवाओं का कार्य बहिष्कार भी किया, लेकिन कोई बदलाव नहीं हुआ।
प्रशासन ने अस्पताल प्रशासन को सख्त निर्देश दिया था कि अस्पताल में सीसीटीवी कैमरा भी लगाया जाए, लेकिन आज तक कैमरा नहीं लग सका। ऐसे में अस्पताल परिसर में चोरी, छिनैती की घटनाएं हो रही हैं। जिला महिला अस्पताल में भर्ती ममता निवासी अहिमाने ने बताया कि अस्पताल में सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं है। अमित कुमार निवासी केवटली ने कहा कि अस्पताल में कब कौन आता है और किस लिए आ रहा है इसे पूछने वाला कोई नहीं रहता है। आए दिन अस्पताल से बाइक चोरी हो जाती है।
सूरापुर के खेतापुर की रहने वाली अनीता अपनी ननद पिंकी को लेकर जिला महिला अस्पताल में भर्ती हैं। अनीता ने कहा कि कम से कम एक सुरक्षा गार्ड तो अस्पताल में होना चाहिए। वहीं रेनू निवासी गोसाईगंज ने बताया कि उन्होंने अपनी बहन को भर्ती कराया है। अस्पताल में भी असुरक्षित महसूस करती हूं। पुलिस कर्मियों की तैनाती से हिम्मत मिलती है।