गोमती नदी की कटान रोकने के लिए तटबंध निर्माण का प्रस्ताव केंद्रीय जल आयोग ने निरस्त कर दिया है। प्रस्ताव को हरी झंडी नहीं मिलने से तटवर्र्ती इलाकों में कटान और जलभराव की आशंका है।
बरसात के मौसम में नदी के तटवर्ती इलाकों की आबादी में कटान व जलभराव की समस्या को लेकर बांध बनाने की कवायद सिंचाई विभाग की ओर से की जाती है। इस बार नदी के तटवर्ती इलाकों में सिंचाई विभाग की ओर से कोई प्रबंध नहीं किया गया है।
तहसील क्षेत्र के अर्जुनपुर इलाके के दक्षिण में गोमती नदी बहती हैं। अर्जुनपुर के निकट बड़ा घुमाव होने के कारण गोमती नदी का बायां किनारा कटान की चपेट में होता है। मानसून के दौरान यहां नदी का करीब एक किलोमीटर का क्षेत्र कटान से प्रभावित होता है। संत चौरासी आश्रम कटान के मुख्य केंद्र पर स्थित है। आश्रम परिसर संभावित कटान स्थल के काफी निकट है।
स्थानीय लोगों की सुरक्षा के मद्देनजर जनप्रतिनिधियों ने यहां तटबंध बनाने का मुद्दा पूर्व में उठाया था। जिस पर सिंचाई विभाग की खंड-16 इकाई ने प्रभावित क्षेत्र का सर्वेक्षण किया। सर्वेक्षण रिपोर्ट पर तटबंध का मानचित्र बनाकर स्वीकृति के लिए शासन को भेजा गया था। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक केंद्रीय जल आयोग बोर्ड की ओर से गोमती नदी में बेलहरी के निकट तटबंध बनाने के प्रस्ताव को निरस्त कर दिया गया है। अमेठी जनपद के जगदीशपुर के कुछ क्षेत्रों में तटबंध बनाने पर अभी विचार चल रहा है।