जिले में मौसम की बेरुखी ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बारिश नहीं होने से धान की फसल सूख जा रही है। खरीफ की अन्य फसलों को पानी की सख्त जरूरत है। खेत में नमी कम होने से रबी की फसलों की बोआई पर भी असर पड़ेगा। बृहस्पतिवार को दिन भर हुई तेज धूप से लोग गर्मी से परेशान रहे। मौसम विभाग ने शुक्रवार को आसमान साफ रहने और तापमान में वृद्धि का अनुमान लगाया है। करीब माह भर से जिले में बारिश नहीं हुई है। मानसून विदा हो जाने से अब बारिश की उम्मीद समाप्त हो गई है।
बारिश नहीं होने से खेत से नमी गायब हो गई है। इस वजह से खरीफ की मुख्य फसल धान में करीब 40 फीसदी तक का नुकसान हो गया है। कई इलाकों में तो धान की फसल 50-60 फीसदी तक प्रभावित हुई है। किसान गाढ़ी कमाई से तैयार धान की फसल को बचाने के लिए निजी नलकूप, नहर और राजकीय नलकूप से सिंचाई कराने में जुटे हुए हैं। किसानों की मानें तो दिन में तेज धूप होने से फसल की सिंचाई करने के तीन-चार दिनों बाद ही खेत से नमी गायब हो जा रही है। धान के अलावा खरीफ की अन्य फसलों में भी पानी की जरूरत है। मौसम की बेरुखी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है।
जानकार लोगों की मानें तो कुछ दिन ऐसे ही हालत रही तो किसानों को रबी की फसलों की बोआई करने में खासी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। नमी कम होने से मटर, मसूर, राई, सरसो और अगेती बोेई गई आलू का अंकुरण सही ढंग से नहीं हो पा रहा है। बृहस्पतिवार को सुबह के समय मौसम साफ रहा और धूप निकल आई। दोपहर आते-आते तेज धूप ने अपना तेवर दिखाना शुरू कर दिया। दोपहर के समय हो रही तेज धूप ने लोगों को बेहाल कर दिया। दिन भर हुई भीषण गर्मी से लोग परेशान रहे। मौसम विभाग ने शुक्रवार को भी मौसम साफ रहने और तापमान में वृद्धि का अनुमान लगाया है।
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