33 हजार इनकमिंग अंडर ग्राउंड केबल जलने से जिला अस्पताल की बत्ती सात दिनों से गुल है। प्रतिदिन जुगाड़ से चंद घंटे की बिजली आपूर्ति किसी तरह से अधिकारी कर रहे हैं। फॉल्ट ठीक करने के लिए मशीन भी लगाई गई है, लेकिन अधिकारियों को जमीन के नीचे दबे केबल में फॉल्ट ढूंढे नहीं मिल रहा है। दूसरी तरफ बिजली सप्लाई न होने से जिला अस्पताल में मरीज से लेकर तीमारदार तक परेशान हैं। भीषण गर्मी से जिला अस्पताल की व्यवस्था भी चरमरा गई है। चिकित्सक भी अपनी ओपीडी छोड़कर बाहर हवा लेते नजर आ रहे हैं।
पयागीपुर स्थित 132 केवी विद्युत स्टेशन से 33 हजार वोल्ट की इनकमिंग सप्लाई सीधा जिला अस्पताल को दी जाती है। पिछले बुधवार को अस्पताल को सप्लाई होने वाली 33 हजार इनकमिंग का ब्रेक डाउन हो गया था। बताया गया कि अंडर ग्राउंड केबल जलने से ब्रेक डाउन हुआ है। पर, यह पता नहीं चल सका कि केबल किस जगह जली है। पावर कॉर्पोरेशन के इंजीनियरों ने फॉल्ट ठीक करने के लिए बाहर से मशीन भी मंगाई लेकिन सात दिन बीत जाने के बावजूद अभी तक
फॉल्ट नहीं मिल सका है।
सप्लाई बंद होने से जिला अस्पताल में लगा इन्वर्टर बोल गया। अस्पताल का जनरेटर भी लोड नहीं ले पा रहा है। थोड़ी-थोड़ी देर पर जनरेटर को बंद करना पड़ता है। जिला अस्पताल व महिला अस्पताल के सभी बिजली के यंत्र ठप हो गए हैं।
अधिकारियों के नंबर मिले स्विच ऑफ
सुल्तानपुर। जिला अस्पताल और महिला अस्पताल में आपूर्ति बाधित होने के बारे में पावर कॉर्पोरेशन के अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन जेई से लेकर एसडीओ तक के फोन नंबर स्विच ऑफ मिले।