जिला अस्पताल में लाइट न होने से बाहर निकल एक्सरे की जांच करते चिकित्सक।
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33 हजार इनकमिंग अंडर ग्राउंड केबल जलने से जिला अस्पताल की बत्ती तीन दिनों से गुल है। भीषण गर्मी से जिला अस्पताल की व्यवस्था चरमरा गई है। ज्यादातर चिकित्सक तीसरे दिन भी ओपीडी छोड़कर नदारद रहे।
दूर-दराज से पहुंचने वाले मरीज और उनके तीमारदार चिकित्सक का इंतजार करते रहे। विद्युत फॉल्ट ठीक करने में पावर कॉर्पोरेशन का पूरा अमला लगा है, लेकिन अभी तक खराबी ढूंढी नहीं जा सकी है। जिला अस्पताल में लगा इन्वर्टर और जनरेटर भी जवाब दे चुका है।
पयागीपुर स्थित 132 केवी विद्युत स्टेशन से 33 हजार वोल्ट की इनकमिंग सप्लाई सीधा जिला अस्पताल को दी जाती है। बीते बुधवार को अस्पताल को सप्लाई होने वाली 33 हजार वोल्ट इनकमिंग का ब्रेक डाउन हो गया। बताया गया कि अंडर ग्राउंड केबल जलने से ब्रेक डाउन हुआ है। पर, यह पता नहीं चल सका कि केबल किस जगह जली है।
तीन दिनों से पावर कॉर्पोरेशन के इंजीनियरों को मशीन का इंतजार है। मशीन से चेक करके फॉल्ट का पता लगाया जाएगा। दूसरी तरफ जिला अस्पताल में विद्युत सप्लाई ठप होने से तीसरे दिन भी ज्यादातर चिकित्सक ओपीडी से नदारद दिखे।
डॉ. रामधीरेंद्र ओपीडी में मरीजों को देखते रहे, जबकि कई चिकित्सक नदारद रहे। लगातार तीसरे दिन विद्युत सप्लाई बंद होने से जिला अस्पताल में लगा इन्वर्टर बोल गया। अस्पताल का जनरेटर भी ज्यादा देर तक लोड नहीं ले सका। थोड़ी देर बाद वह भी बंद हो गया। अस्पताल के सभी बिजली के यंत्र ठप हो गए हैं। ओपीडी की गैलरी में पंखा बंद होने से चिकित्सक के इंतजार में खड़े मरीज बिलबिलाते दिखे।