पेट्रोल पंपों पर डीजल एवं पेट्रोल की घटतौली को लेकर विवाद जिले में आए दिन होते रहते हैं। शिकायतों पर संबंधित अधिकारी जांच की खानापूरी करते चले आ रहे हैं। जांच में खानापूरी एवं घटतौली की शिकायतों के पीछे इलेक्ट्रॉनिक चिप के जरिए तेल में हो रहे खेल की वजह ही बताई जा रही है।
जिले में बीते वर्ष घटतौली में दो पेट्रोल पंपों के खिलाफ हुई कार्रवाई से इलेक्ट्रॉनिक चिप के प्रयोग की आशंका बलवती हो गई है। लखनऊ में शुक्रवार को इलेक्ट्रॉनिक चिप लगाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ होने व तेल चोरी में शामिल पेट्रोल पंपों पर कार्रवाई से जिले के पेट्रोल पंप संचालक सकते में हैं।
शहर के महुअरिया निवासी विमलेश तिवारी का कहना है कि अमूमन सभी पेट्रोल पंपों पर कम तेल हमेशा मिलता है। इसकी शिकायत कई बार की गई लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। कार्रवाई नहीं होने से पेट्रोल पंप मालिकों एवं उनके कर्मचारियों से अपमानित होना पड़ता है।
ईशापुर निवासी दीपक दूबे ने बताया कि गांव से लेकर शहर तक सभी पेट्रोल पंपों पर कम तेल मिलता है। कर्मचारी व मालिक दोनों चोरी करते हैं। शिकायत बाट माप से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों तक नहीं सुनी जाती है। सब मिले हुए हैं। मजबूरी में ही सही कम तेल लेना पड़ रहा है। शनिवार को पेट्रोल पंपों पर मिले कई उपभोक्ताओं ने यही शिकायतें दर्ज कराईं।