500-1000 के पुराने नोट बंद होने के बाद शुरू हुई कैश की किल्लत बदस्तूर जारी है। बुधवार को जिले की 196 बैंक शाखाओं में 146 कैशलेस रहीं। कैशलेस बैंकों में बॉब की 66 और ग्रामीण बैंक की 80 शाखाएं शामिल हैं। इन बैंक शाखाओं पर करेंसी चेस्ट नहीं पहुंच सका। कैशलेस बैंकों में खाताधारकों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। जिले की जिन 50 शाखाओं पर ही लेन-देन हुआ भी, वहां खाताधारकों को जरूरत के मुताबिक भुगतान नहीं हो सका।
करेंसी चेस्ट का संकट बुधवार को भी जारी रहा। बैंक ऑफ बड़ौदा की मेन ब्रांच में करेंसी नहीं आई। बैंक अधिकारियों ने कुछ बड़े खाताधारकों को फोन करके बुलवाया और उनसे रकम जमा करवाई। इस रकम से खाताधारकों को सीमित भुगतान किया गया। जिला मुख्यालय पर करेंसी न पहुंचने के चलते बॉब की 66 शाखाओं पर कैश नहीं पहुंचाया जा सका। इन शाखाओं पर खाताधारकों को भुगतान करने में बैंक अधिकारियों को काफी समस्या हुई। कई स्थानों पर बैंक अधिकारियों व खाताधारकों के बीच पेमेंट को लेकर झड़प भी हुई। यही हाल क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक की शाखाओं का रहा।
मंगलवार को क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक की गोसाईगंज शाखा पर बवाल हुआ था। इसके बाद तीन लाख रुपये का प्रबंध कर शाखा पर भेजवाया गया था। बुधवार को वहां करेंसी चेस्ट नहीं पहुंच सका। ऐसे में वहां भी खाताधारकों को बैंक में पैसा जमा होने के बाद सीमित भुगतान देकर काम चलाया गया। क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक की करीब सभी 80 शाखाएं बुधवार को कैशलेस रहीं। मोतिगरपुर, कूरेभार, गुप्तारगंज, चीनी मिल, कादीपुर, करौंदीकलां, सूरापुर, अखंडनगर, कुड़वार, बल्दीराय, पाराबाजार, हलियापुर, धनपतगंज, लंभुआ समेत अन्य स्थानों पर स्थित क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक की शाखाओं में भुगतान को लेकर मारामारी रही।