तीन दिन के अवकाश के बाद खुले बैंकों से पैसा नहीं मिलने पर मंगलवार को खाताधारकों का धैर्य जवाब दे गया। गुस्साए खाताधारकों ने लखनऊ-वाराणसी और लखनऊ-बलिया राष्ट्रीय राजमार्ग जाम कर बैंक अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। दो प्रमुख हाईवे जाम होने की सूचना पर पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में पहुंची पुलिस व बैंक अधिकारियों के काफी मान-मनौव्वल के बाद खाताधारकों ने प्रदर्शन खत्म किया।
करीब पौन घंटे तक हाईवे जाम होने से राहगीरों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। दोनों हाईवे पर वाहनों की लंबी कतार लगी रही। तीन दिन के बाद मंगलवार को बैंक खुले। भुगतान की उम्मीद में बैंकों पर खाताधारकों की काफी भीड़ थी। लखनऊ-वाराणसी राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा की अलीगंज शाखा पर करीब 10.30 बजे बैंक अधिकारियों ने कैश नहीं होने की बात कहते हुए खाताधारकों को भुगतान देने से हाथ खड़े कर दिए।
इसके बाद खाताधारकों का गुस्सा भडक़ गया। आक्रोशित खाताधारकों ने हाईवे पर जाम लगाकर शाखा प्रबंधक के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। जाम की सूचना पर कोतवाली मुसाफिरखाना के प्रभारी निरीक्षक आरके सिंह मौके पर पहुंचे। बैंक अधिकारियों के साथ उन्होंने खाताधारकों को भुगतान दिलाने का आश्वासन दिया। उधर, लखनऊ-बलिया राजमार्ग पर स्थित गोसाईगंज कस्बे में स्थित क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक की शाखा पर मंगलवार को कैश नहीं रहा। बैंक से पैसा न मिलने से नाराज खाताधारक करीब 11 बजे सडक़ पर उतर आए। खाताधारकों ने गोसाईगंज कस्बे में सड़क पर जाम लगा दिया।
आवागमन ठप होने से दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। बैंक के शाखा प्रबंधक वीपी सिंह ने खाताधारकों के प्रदर्शन की जानकारी गोसाईगंज थाने की पुलिस को दी। बैंक से मिली सूचना के बाद गोसाईगंज थाने के प्रभारी थानाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे। सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक ने दोपहर तक तीन लाख रुपये भेजने का आश्वासन दिया। तब जाकर खाताधारकों का प्रदर्शन खत्म हुआ। करीब 11.35 पर जाम खुला। इनसेट विलंब से पहुंचा कैश क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक ओपी तिवारी ने बताया कि सीमित स्टाफ होने की वजह से कैश लोड ब्रांचों पर भेजने में विलंब हुआ था। कैश भी कम मिला है। फिलहाल सभी ब्रांचों पर कैश भेजवाने का प्रयास किया जा रहा है।