सुल्तानपुर। पैरामेडिकल साइंस कॉलेज से एएनएम का कोर्स कराने के नाम पर छात्राओं से लाखों रुपये हड़पने व धोखाधड़ी के आरोपी प्रबंधक प्रिंस उर्फ आजम खान की जमानत अर्जी पर एडीजे चतुर्थ की अदालत में सुनवाई हुई। अदालत ने छात्राओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले आरोपी प्रबंधक की जमानत अर्जी खारिज कर दी है।
अमेठी जिले के स्थानीय कोतवाली अंतर्गत स्थित अमेठी इंस्टीट्यूट ऑफ पैरामेडिकल साइंस के प्रबंधक प्रिंस उर्फ आजम खान निवासी गंगागंज-अमेठी, फीस वसूली का काम देखने वाले आवास विकास कॉलोनी निवासी आरोपी विवेक श्रीवास्तव, परीक्षा दिलाने वाले आरोपी शैलेंद्र मौर्य, विजय मौर्य, बृजेश, दिलीप बाजपेई, रेहान खान, आलीशान व आयुष तिवारी के खिलाफ एएनएम का कोर्स कराने के नाम पर लाखों रुपये हड़पने के आरोप में छात्रा प्रिंसू तिवारी सहित 16 छात्राओं ने केस दर्ज कराया था।
पीड़ितों के आरोप के मुताबिक आरोपियों ने फर्जी रसीद व अन्य फर्जी कागजात देकर प्रत्येक छात्राओं से करीब 80 हजार रुपये फीस के नाम पर हड़प लिए। पीड़ितों के अनुसार अमेठी पुलिस ने कुछ आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जेल भेजने की कार्रवाई की है। हालांकि, बाकी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई है। मामले में आरोपी विवेक श्रीवास्तव व आयुष तिवारी की जमानत पूर्व में एडीजे चतुर्थ की अदालत से खारिज हो चुकी है।
इसी मामले में आरोपी प्रबंधक प्रिंस उर्फ आजम खान की तरफ से प्रस्तुत जमानत अर्जी पर सुनवाई हुई। शनिवार को कोर्ट का फैसला सामने आया। अपर जिला जज निशा सिंह ने प्रबंधक प्रिंस उर्फ आजम खान के अपराध को अत्यंत गंभीर मानते हुए उसकी जमानत अर्जी खारिज कर दी है।