जिले के 70 फीसदी नर्सिंग होम/हॉस्पिटल में आग से बचाव के मुकम्मल इंतजाम नहीं है। फायर विभाग की जांच रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है। फायर विभाग ने इसकी रिपोर्ट डीएम के साथ ही स्वास्थ्य विभाग को भेजी है। इसके बावजूद वास्थ्य विभाग बिना फायर यंत्रों के संचालित नर्सिंग होम/ हॉस्पिटलों का लाइसेंस रद्द करने से बच रहा है। यदि किसी दिन नर्सिंग होम अथवा अस्पताल में आग लग गई तो भीषण तबाही हो सकती है।
सुल्तानपुर जिला अस्पताल और महिला अस्पताल में वर्षों पुराना फायर यंत्र लगा है। फायर विभाग की जांच में एक भी अग्निशमन यंत्र काम करते हुए नहीं मिला।यहां तक कि पर्याप्त पानी स्टोर करने की यवस्था भी नहीं है। यह हाल तब है जब जिले के आलाअधिकारी से लेकर स्वास्थ्य विभाग के बड़े-बड़े अधिकारी अस्पताल का दौरा करते रहते हैं। दूसरी तरफ जिले के स्वास्थ्य विभाग में कुल 63 नर्सिंग होम/ हॉस्पिटल दर्ज हैं।
प्रतिवर्ष इनके लाइसेंस का नवीनीकरण किया जाता है। चार माह पूर्व मुख्य अग्निशमन अधिकारी आरएस मिश्र ने पूरे जिले में संचालित नर्सिंग होम और हॉस्पिटल की स्थलीय जांच कर अग्निशमन यंत्रों की जांच की थी। जांच में मात्र 19 नर्सिंग होम/ हॉस्पिटल में आग से बचाव के लिए अग्निशमन यंत्र लगे हुए मिले।