एचसी से लेकर जिला अस्पताल तक में एंटी रेबीज इंजेक्शन खत्म हो चुका है। एंटी रेबीज इंजेक्शन के लिए जरूरतमंद भटक रहे हैं। मंगलवार को जिला अस्पताल के इंजेक्शन रूम में ताला लगा दिया गया। दूर-दराज से आए जरूरतमंदों को बैरंग लौटना पड़ा।
जिले के 14 विकास खंड क्षेत्र के अंतर्गत 14 सामुदायिक व 42 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का संचालन हो रहा है। जिला अस्पताल को मिलाकर कुल 57 चिकित्सा केंद्र जिले में संचालित हैं। हालत यह है कि मौजूदा समय में एक भी चिकित्सा केंद्र पर एंटी रेबीज इंजेक्शन मौजूद नहीं है। कुछ दिनों पहले ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को इंजेक्शन लगवाने के लिए पीएचसी-सीएचसी से जिला अस्पताल रेफर कर दिया जाता था। जिला अस्पताल में पर्चा दिखाने के बाद उन्हें इंजेक्शन मिल जाता था।
चार दिन पहले जिला अस्पताल का स्टॉक भी खत्म हो गया। चार दिनों से कुत्ता, बंदर का शिकार हुए लोग यहां इंजेक्शन लगवाने के लिए भटक रहे हैं। दिन भर इंतजार करने के बाद उन्हें निराश लौटना पड़ रहा है। मंगलवार को स्वास्थ्य कर्मियों ने सुबह से ही इंजेक्शन कक्ष पर ताला लगा दिया। ऐसे में दूर-दराज से आए मरीजों और तीमारदारों को वापस जाना पड़ा।