सुल्तानपुर। पूरे नथऊ भदैंया में शनिवार दोपहर बाद मामूली विवाद में चाचा ने भतीजे की गोली मारकर हत्या कर दी। बेटे को बचाने के प्रयास में मां को भी गोली के छर्रे लग गए।
ग्रामीणों ने दोनों को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने बेटे को मृत घोषित कर दिया जबकि मां का उपचार चल रहा है। पुलिस के पहुंचने से पहले ही आरोपी घर से फरार हो गया।
लंभुआ कोतवाली क्षेत्र के पूरे नथऊ भदैंया गांव निवासी राम विशाल मिश्र का बेटा उमेश (36) मुंबई में नौकरी करता था। कोरोना महामारी के दौरान उमेश घर आ गया था। दो दिन पहले उमेश से उसके चाचा कमलेश मिश्र ने लखनऊ जाने के लिए बाइक मांगी थी।
बाइक कोई दूसरा ले गया था लिहाजा उमेश अपने चाचा कमलेश को बाइक नहीं दे सका था। इसे लेकर कमलेश काफी नाराज था। शनिवार को दोपहर कमलेश घर के सामने पहुंच कर उमेश को गाली देने लगा।
उमेश ने इसका विरोध किया। चाचा-भतीजे के बीच हो रहे विवाद को शांत कराने के लिए उमेश की मां मालती देवी (56) वहां पहुंच गईं। इस बीच कमलेश अपने घर से तमंचा लेकर आया और उमेश पर फायर झोंक दिया। गोली उमेश को लगी और वह जमीन पर गिर पड़ा।
गोली के कुछ छर्रे मालती देवी के हाथ में लग गए। गोली की आवाज सुनकर पहुंचे ग्रामीण मां और बेटे को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उमेश को मृत घोषित कर दिया।
मालती देवी का जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है। हत्या की सूचना के बाद गांव पहुंची पुलिस ने आरोपी कमलेश के घर दबिश दी, लेकिन वह नहीं मिला। पुलिस का दावा है कि आरोपी कमलेश के घर से हत्या में प्रयुक्त तमंचा मिला है।
लंभुआ। पूरे नथऊ भदैंया निवासी उमेश के परिवार में मां मालती देवी के साथ ही पत्नी मोहिनी और छह वर्षीय बेटा अमन है। उमेश की मौत से परिवार में कोहराम मचा है। गांव के लोग भी उमेश की मौत से गमगीन है।