सुल्तानपुर। नेपाल के एक दंपती ने प्रयागराज के महाकुंभ जाने के लिए 500 किमी. की अनोखी यात्रा शुरू की है। उल्टे पांव होकर पति-पत्नी प्रयागराज अमृत स्नान करने जा रहे हैं। सोमवार को 13वें दिन दंपती पयागीपुर पहुंचे तो समाजसेवी के विशेष आग्रह पर दोनों ने गन्ने का जूस और गुड़ स्वीकार किया।
नेपाल के बांके जिले से एक दंपति ने महाकुंभ के लिए अनोखी यात्रा शुरू की है। 54 वर्षीय रूपन दास और उनकी 58 वर्षीय पत्नी पतिरानी पैदल उल्टे पांव होकर प्रयागराज की यात्रा कर रहे हैं। कोहलपुर नगर पालिका वार्ड नंबर-7 लखनपुर के रहने वाले इस दंपति ने अपने गांव के हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद यह यात्रा शुरू की थी। 13 दिनों में गोरखपुर से होते हुए अयोध्या में रामलला का दर्शन कर सोमवार को वे पयागीपुर पहुंचे। डॉ. कुंवर दिनकर प्रताप सिंह को इसकी जानकारी मिली तो वे अपने साथी अंशू श्रीवास्तव और अरुण कुमार मिश्र के साथ उन्हें ढूंढ़ने निकले। प्रतापगंज बाजार से पहले दंपती को देखा और उन्हें भोजन की पेशकश की। दंपती ने भोजन लेने से मना कर दिया। काफी अनुनय-विनय के बाद केवल गन्ने का रस और थोड़ा गुड़ स्वीकार किया। रूपन दास ने बताया कि यह यात्रा जन कल्याण और सनातन धर्म के प्रचार के लिए की जा रही है।