सुल्तानपुर। अभी तक सिर्फ चावल का आयात करने वाले नेपाल ने इस बार 10 लाख क्विंटल धान की मांग की है। इसके साथ ही चावल आयात की मात्रा घटा दी है। नेपाल की ओर से धान की अधिक डिमांड किए जाने पर राइस मिल संचालकों ने विरोध शुरू कर दिया है।
कृषि उत्पादन मंडी में पंजीकृत नवीन एग्रो राइस मिल से नेपाल व बांग्लादेश को चावल का निर्यात किया जाता था। एक साल पहले सरकार ने चावल के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया। व्यापारियों के मुताबिक इस बीच नेपाल में राइस मिल की स्थापना कर ली गई। इसके बाद नेपाल ने भारत से इस बार 10 लाख क्विंटल धान की मांगा है और चावल की डिमांड घटा दी। व्यापारियों ने इसका विरोध शुरू कर दिया है।
राइस मिल संचालक नवीन अग्रवाल ने बताया कि सरकार को इस पर रोक लगाने के लिए ज्ञापन सौंपा गया है। धान भेजने से देश में चावल का टुकड़ा, भूसी समेत अन्य का नुकसान होगा। साथ ही व्यापारियों का चावल निर्यात न होने से मुनाफा भी कम होगा। मंडी के विपणन निरीक्षक अखिलेश सिंह ने बताया कि जिले से एक ही राइस मिल से चावल का निर्यात होता था। शासन के निर्देशानुसार रणनीति बनाई जाएगी।