नेकराही शरीफ में हजरत हाजी अल्लाह मान शाह वारसी रहमत अलैह के सालाना उर्स के चौथे व अंतिम दिन मंगलवार को जायरीनों की भीड़ उमड़ पड़ी। रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगा रहा नेकराही शरीफ आकर्षण का केंद्र बना रहा। सुबह से शाम तक चले लंगर-ए-आम में जायरीनों ने प्रसाद ग्रहण किया।
नेकराही गांव में स्थित हजरत हाजी अल्लाह मान शाह वारसी रहमत अलैह के उर्स के आखिरी दिन देश के विभिन्न स्थानों से जायरीनों ने मजार पर चादर चढ़ाकर मुल्क की सलामती की दुआ मांगी। उर्स के आखिरी दिन मंगलवार को सुबह से शाम पांच बजे तक आयोजित लंगर-ए-आम में बड़ी संख्या में आए लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। जिला समेत गैर जनपदों से आए मौलानाओं ने उर्स में तकरीर कर लोगों को देश में अमन व शांति बनाए रखने का संदेश दिया।
अंजुमने वारसी आस्ताने आलिया कुटी नेकराही शरीफ के सदस्य तारिक वारसी ने बताया कि शाम को दरगाह परिसर में सुबरानी महफिले शमां (विदाई) का कार्यक्रम शुरू हुआ। विभिन्न स्थलों से आए कव्वालों ने रात भर बाबा का गुणगान किया।