सुल्तानपुर। शहर में बेसमेंट में दुकानें, कोचिंग सेंटर, अस्पताल, क्लीनिक समेत व्यावसायिक गतिविधियां बड़े पैमाने पर चल रही हैं। बड़े-बड़े कांप्लेक्स में यह सारे बेसमेंट असल में नक्शे में पार्किंग ही दर्शाए गए हैं, किंतु इनके गलत इस्तेमाल के बावजूद प्रशासन चुप्पी साधे बैठा था। अब शासन के निर्देश पर नोटिस देने का सिलसिला तो शुरू हो गया है, किंतु इस अभियान का असर अभी दिखाई नहीं दिया है।
चार दिन से चल रहे इस अभियान में शनिवार तक ही 60 से ज्यादा नोटिस दिए जा चुके हैं, जिसमें तीन दिन में जवाब देने का समय निर्धारित था। किंतु अभी तक इस मामले में किसी ने भी अपना जवाब नहीं दिया है। यही नहीं कोचिंग सेंटर समेत व्यावसायिक गतिविधियों पर कहीं रोक भी नहीं लगी है। उल्टे जिन लोगों को नोटिस दिया गया है, वे राजनीतिक सिफारिशें लगाने में जुटे हुए हैं। इन अवैध कब्जेदारों का मानना है कि यह अभियान कुछ ही समय के लिए है, यदि कुछ दिन के लिए मामला टल गया तो फिर कार्रवाई नहीं होगी। हालांकि एसडीएम ठाकुर प्रसाद सिंह कहते हैं कि जिन्हें नोटिस दिया गया है, जवाब मिलने के बाद वह बेसमेंट खाली कराए जाएंगे।
अभियान कामयाब रहा तो खत्म हो जाएगी जाम की समस्या
बेसमेंट में दुकानों, कोचिंग या अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ जिस तरह से शासन सख्त है। यदि जिले के अफसर उस सख्ती पर खरे उतरे तो इस शहर की एक बड़ी समस्या का हल निकल आएगा। यदि यह बेसमेंट खाली होकर पार्किंग के रूप में इस्तेमाल किए जाने लगे तो सिविल लाइंस से लेकर चौक तक लगने वाला जाम खत्म हो जाएगा। क्योंकि इन क्षेत्रों में पार्किंग न होने के कारण कांप्लेक्स में आने वाले ग्राहकों के वाहन सड़कों पर ही खड़े रहते हैं। इससे इन स्थानों पर जाम की समस्या बनी रहती है। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
अग्निशमन विभाग कर रहा लापरवाही
जिस तरह से बेसमेंट में कोचिंग सेंटर, ई-लाइब्रेरी और अस्पताल या क्लीनिक चल रहे हैं, वह शहर में कभी भी बड़े हादसे का सबब बन सकते हैं। क्योंकि इनमें प्रवेश और निकासी का एक ही द्वार है और अग्निशमन विभाग के मानकों पर यह खरे नहीं उतरते हैं। इसके बाद भी अग्निशमन विभाग ऐसे अनेक भवनों को एनओसी भी दे चुका है।