फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sultanpur News: बाजार में नहीं पहुंचीं एनसीईआरटी की किताबें

Tue, 23 Jul 2024 05:00 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
विज्ञापन
विज्ञापन
सुल्तानपुर। यूपी बोर्ड के नए सत्र की एनसीईआरटी (राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद) की सरकारी किताबें अभी बाजार में नहीं पहुंची हैं। पुरानी किताबेें भी दुकानों से गायब हैं। 56 रुपये वाली किताब बाजार में 395 रुपये में मिल रही है। मजबूरन, माध्यमिक स्कूलों के छात्र निजी प्रकाशकों की किताबें सात गुने से अधिक महंगे दाम पर खरीदकर पढ़ाई कर रहे हैंं।
विज्ञापन




दरअसल, जिले में यूपी बोर्ड के कुल 331 माध्यमिक विद्यालय संचालित हैं। इनमें से 25 राजकीय, 248 वित्तविहीन मान्यता प्राप्त और 58 हाईस्कूल व इंटरमीडिएट अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालय शामिल हैं। देश में एक समान सस्ती शिक्षा प्रणाली लागू करने को लेकर सभी स्कूलों में एनसीईआरटी की किताबें पढ़ाना अनिवार्य है। शैक्षिक सत्र 2023-24 में कक्षा नौ से 12वीं की सरकारी किताबों का जो सेट 200-300 रुपये में मिलता था, वहीं निजी प्रकाशकों की पुरानी किताबों का सेट इस वर्ष 1500 से 2000 रुपये में मिल रहा है।


जबकि निजी प्रकाशकों की नई किताबों का सेट करीब 3000 तक बेचा जा रहा है। विज्ञान, भौतिक, रसायन, जीव विज्ञान, गणित की किताबें दुकानों में सबसे महंगी हैं। गणित, रसायन विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, भूगोल, इतिहास, अंग्रेजी की किताबों की कीमत में भी भारी अंतर है। इस बारे मेें डीआईओएस रविशंकर ने बताया कि बाजार में अधिक कीमत की किताब बेचना कानूनी अपराध है। जल्द ही दुकानों पर छापा मारकर कार्रवाई की जाएगी। (संवाद)
विज्ञापन







बीते साल 77 रुपये वाली हाईस्कूल की विज्ञान की किताब अब 539 रुपये में

माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से हाईस्कूल में विज्ञान की किताब बीते साल 66 रुपये की थी, जो अब निजी प्रकाशकों की किताब 500-539 रुपये तक बाजार में है। 12वीं की भौतिक विज्ञान भाग-1 की 56 रुपये वाली किताब निजी प्रकाशकोें की 455 से 495 रुपये तक बिक रही है। 10वीं व 12वीं में गणित की किताब के दाम 41 से 69 रुपये के बीच थे। जबकि निजी प्रकाशक की किताब अब 444 से 465 रुपये तक है। 12वीं की रसायन की 72 रुपये वाली किताब निजी प्रकाशक की 465 रुपये से अधिक की बिक रही है। जीव विज्ञान की 77 रुपये वाली किताब 455 रुपये से अधिक की मिल रही है। अंग्रेजी की आठ से 10 रुपये वाली किताब 10 गुना ज्यादा की है।





चार माह बाद भी नहीं हो सके प्रकाशकों के टेंडर

माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा एनसीईआरटी के किताबों के प्रकाशन के लिए नामित प्रकाशकों के टेंडर में देरी से किताबें बाजार में नहीं पहुंच रही हैं। इतना ही नहीं, करीब तीन वर्ष से किताबें सत्र के शुरू में बच्चों को नहीं मिल रही हैं। इस बार भी अभी तक किताबों के लिए टेंडर नहीं हुआ। जिसकी वजह से प्रकाशकों के नाम तय नहीं हुए हैं। जबकि स्कूलों में नया सत्र एक अप्रैल से चल रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें