फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sultanpur News: पोषणयुक्त चावल को समझ रहे प्लास्टिक

Sun, 22 Jan 2023 12:09 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
विज्ञापन
विज्ञापन
सुल्तानपुर। मध्याह्न भोजन योजना के तहत विद्यार्थियों को कुपोषण से मुक्ति दिलाने के लिए भेजे गए फोर्टिफाइड ( पोषणयुक्त) चावल ने शिक्षकों व रसोइयों की परेशानी बढ़ा दी है। शिक्षक व रसोइया फोर्टिफाइड चावल को पहचान नहीं पा रहे हैं। अधिकतर विद्यालयों में फोर्टिफाइड चावल को प्लास्टिक समझकर अलग कर दिया जा रहा है।
विज्ञापन

जिले में 2195 विद्यालयों में मध्याह्न भोजन योजना संचालित है। इसमें 1450 परिषदीय प्राथमिक, 343 उच्च प्राथमिक, 271 कंपोजिट विद्यालय, 60 इंटर कॉलेज, नौ राजकीय माध्यमिक, 55 सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूल और सात मदरसा शामिल हैं। इन विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों की सेहत सुधारने के लिए शासन ने फोर्टिफाइड चावल वितरित करने का निर्देश दिया था। फोर्टिफाइड चावल की आपूर्ति भारतीय खाद्य निगम से की जा रही है।
जानकारी के अभाव में फोर्टिफाइड चावल को लेकर भ्रांतियां उत्पन्न हो गई हैं। कोई इसे प्लास्टिक का चावल तो कोई नकली होने का दावा कर रहा है। कई विद्यालयों में रसोइया फोर्टिफाइड चावल को सामान्य चावल से अलग कर एमडीएम तैयार कर रहे हैं। इससे शासन की मंशा पर पानी फिर रहा है। फोर्टिफाइड चावल के बारे में पहले से कोई सूचना प्रसारित नहीं होने का खामियाजा बच्चे भुगत रहे हैं। उन्हें पौष्टिक चावल नहीं मिल पा रहा है।
विज्ञापन


पौष्टिकता से भरपूर है फोर्टिफाइड चावल
फोर्टिफाइड चावल एक क्विंटल सामान्य चावल में सिर्फ एक किलो. के अनुपात में मिलाया जाता है। यह चावल कृत्रिम रूप से निर्मित चावल है। इसमें विटामिन, फोलिक एसिड और आयरन मिलाया जाता है। एमडीएम के जिला समन्वयक संदीप यादव ने बताया कि विद्यालयों में फोर्टिफाइड चावल के बारे में पहले भी सूचना भेजी गई थी। उन्होंने कहा कि रसोइया फोर्टिफाइड चावलों को अलग न करें। सामान्य चावल की भांति एमडीएम में इसका इस्तेेमाल करें। इससे बच्चों को पौष्टिक भोजन मिलेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें