घटना के बाद मौके पर जांच करते अधिकारी - संवाद
खैराबाद। नगर के जोशीटोला में कमरे का दरवाजा तोड़कर छह बकरियों को मार डालने की गुत्थी उलझकर रह गई है। वन विभाग इसे मानवीय कृत्य जबकि पुलिस व पीड़ित पक्ष जंगली जानवर के हमले का दावा कर रहे हैं। वन विभाग सभी तथ्यों के आधार पर जांच में जुट गया है।
खैराबाद के जोशीटोला निवासी दीपक जोशी ने बुधवार रात हमेशा की तरह अपनी बकरियां एक कमरे में ले जाकर दरवाजा बंद कर दिया। इसके बाद पास ही दूसरे घर में चले गए। बृहस्पतिवार सुबह जब वह बकरियों को खोलने पहुंचे तो दरवाजे का निचला हिस्सा टूटा मिला। अंदर जाकर देखा तो पांच बकरियां मृत जबकि एक जख्मी हालत में थी। इलाज के लिए ले जाते समय वह भी मर गई।
पीड़ित के मुताबिक जंगली जानवर ने दरवाजा तोड़कर अंदर बंधी छह बकरियों को मार दिया है। वन विभाग के अधिकारी इस हमले को मानवीय कृत्य होने का दावा कर रहे हैं। फिलहाल, पुलिस और वन विभाग जांच में जुट गया है। वन विभाग के डिप्टी रेंजर अभिषेक पांडेय का कहना है कि प्रथम दृश्यता मानवीय कृत्य होने की आंशका है। बकरियों के शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
टूटे दरवाजे में फंसे मिले जानवर के बाल
कमरे के टूटे दरवाजे में कुछ बाल फंसे पाए गए हैं। दीपक की पत्नी लाजवंती जोशी के मुताबिक प्लाई के टूटे दरवाजे मे फंसे बाल किसी जानवर के प्रतीत हो रहे हैं। वह बाल वन विभाग को सौंप दिए गए हैं। लाजवंती का दावा है कि किसी जानवर ने ही बकरियों को मार डाला है।
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खूंखार कुत्तों ने तो नहीं अंजाम दी घटना
नगर में आवारा खूंखार कुत्तों का आतंक बना हुआ है। कुछ दिन पहले इसी मोहल्ले में कुत्तों ने एक बछड़े पर हमला कर उसे मार दिया था। वहीं, 2018 में कुत्तों के हमलों में 14 मासूम बच्चों की मौत का मंजर आज भी लोगों की जेहन में ताजा है। उस दौरान 75 लोगों पर सिलसिलेवार हमले कर कुत्तों ने उन्हें जख्मी भी किया था। प्रशासन ने दिल्ली से शूटर बुलाकर लगभग 500 आवारा कुत्तों को मौत के गाट उतारा गया था।