सुल्तानपुर। 37 वर्ष पुराने मामले में फरार चल रहे आरोपी के खिलाफ अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत से जारी कार्यवाही पर अलग-अलग रिपोर्ट देने वाले कोतवाल मुसाफिरखाना के खिलाफ अदालत ने कड़ा रुख अपनाया है। एसीजेएम मुक्ता त्यागी की अदालत ने आदेश का अनुपालन करने में लापरवाही बरतने पर कोतवाल के खिलाफ नोटिस जारी कर 22 दिसंबर को जवाब मांगा है।
बल्दीराय थाने के तत्कालीन थाना प्रभारी वीएन तिवारी ने एक नवंबर 1988 की घटना बताते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप के मुताबिक, मुसाफिरखाना कोतवाली के लोधन का पुरवा नारा के रहने वाले आरोपी रामदुलारे को 10 देसी बम के साथ गिरफ्तार किया गया था। उसके पास विस्फोटक पदार्थ रखने का कोई लाइसेंस नहीं था। नतीजतन उसके खिलाफ कार्रवाई की गई और चार्जशीट भेजी गई। इस मामले में एसीजेएम मुक्ता त्यागी की अदालत में चल रहा है। इस मामले में आरोपी रामदुलारे कई तिथियों से गैर हाजिर चल रहा है।
अदालत ने उसके खिलाफ पिछली 12 नवंबर को गैर जमानती वारंट जारी किया था। मुसाफिरखाना पुलिस ने आरोपी रामदुलारे के मौजूद नहीं होने और उसके परिजनों के जरिए उसे बीमार बताने की रिपोर्ट पेश की है। अदालत ने पिछले 24 नवंबर को मामले में गैर जमानती वारंट के साथ आरोपी के खिलाफ फरार घोषित होने की भी कार्यवाही जारी की।
पुलिस ने इस बार कोर्ट को भेजी रिपोर्ट में आरोपी रामदुलारे के गांव में नहीं रहने व उसके पास कोई घर नहीं होने के चलते जारी कार्यवाही तामील नहीं होने व जमानतदारों को तलब करने के संबंध में कोर्ट से मांग की। अदालत ने दोनों बार अलग-अलग रिपोर्ट भेजने पर मामले को संज्ञान में लेते हुए मुसाफिरखाना कोतवाल को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। संवाद