सुल्तानपुर। पूर्व केंद्रीय मंत्री व भाजपा सांसद मेनका गांधी का बंद शहर को खोलने का निर्देश महज बयान तक ही सीमित रह गया। उनके निर्देश पर सिर्फ प्रमुख मार्गों से बैरियर हट सके। बाकी शहर मंगलवार को भी पूरी तरह लॉकडाउन में जकड़ा रहा। सुबह बस स्टेशन समेत कुछ जगह दुकानें खुलने के बाद उन्हें फिर बंद करा दिया गया। पुलिस ने शहर समेत ग्रामीण क्षेत्रों में भी बिना मास्क पहने लोगों पर शिकंजा बरकरार रखा।
कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए डीएम सी. इंदुमती ने 25 जुलाई से शहर में लॉकडाउन कर दिया। तब से शुरू हुआ लॉकडाउन संक्रमण बढ़ने पर और सख्त होता गया। इसके साथ ही कंटेनमेंट जोन वाले क्षेत्र में संक्रमण रोकने के लिए मार्गों पर बैरिकेडिंग करके आवाजाही बंद कर दी गई है।
25 जुलाई से लॉकडाउन से ही पूरा शहर बंदी की चपेट में है। नौ अगस्त को जिले के दो दिवसीय दौरे पर आईं पूर्व केंद्रीय मंत्री व सांसद मेनका गांधी ने शहर में बंदी के हालात देखने व व्यापारी नेताओं की गुजारिश पर पुलिस व जिला प्रशासन को मार्गों से बैरियर हटवाने व दुकानें संचालित कराने का निर्देश दिया था।
सोमवार को दिशा कमेटी की बैठक में सांसद ने केवल संक्रमितों का घर ही पाबंद करने की सलाह दी थी। इस संबंध में मुख्यमंत्री की मंशा से भी अवगत कराया था। इसके साथ ही बिना मास्क वालों के हो रहे चालान पर नाराजगी जताते हुए इसे बंद कराने का भी निर्देश दिया था। बैठक के बाद वे मंगलवार शाम को ही दिल्ली लौट गईं।
सांसद की वापसी के बाद उनके निर्देश पर शहर में मार्गों पर लगाए गए बैरियर फिलहाल हटा लिए गए। बैरियर हटने से चौक व गल्लामंडी में एकाएक काफी भीड़ लग गई। इसके बाद बस स्टेशन समेत कुछ जगह पर सुबह कुछ दुकानें खुल गईं। सूचना मिलते ही पुलिस ने फिर दुकानों को बंद करा दिया।
दुकानें बंद कराने से शहर में पूर्व की तरह मंगलवार को भी बंदी जारी रही। छोटी से लेकर बड़ी दुकानें व प्रतिष्ठान बंद रहे। इसके साथ ही संक्रमण को देखते हुए पुलिस ने बिना मास्क के घर से निकलने वालों पर शिकंजा बरकरार रखा। सांसद मेनका गांधी के निर्देश के बाद भी दुकानें संचालित नहीं होने से व्यापारियों को भी झटका लगा है।
मुख्य राजस्व अधिकारी/कंटेनमेंट जोन प्रभारी शमशाद हुसैन ने कहा कि शहर के कंटेनमेंट जोन में शासनादेश का अनुपालन कराया जा रहा है। अभी उन्हें इस संबंध में कोई आदेश नहीं मिला है।