राजा का पुरवा नीमी गांव में डायरिया की चपेट में आने से मां-बेटी की मौत हो गई जबकि नौ बच्चे पीड़ित हैं। गंभीर हालत में पीड़ित बच्चों को सीएचसी और प्राइवेट नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया है। मां-बेटी की मौत से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा है। शुक्रवार को दो चिकित्सकों की टीम स्वास्थ्य कर्मियों के साथ गांव पहुंची। चिकित्सक गांव के अन्य लोगों की जांच कर रहे हैं। पूरे मामले की मॉनिटरिंग एसडीएम खुद कर रहे हैं।
जामों थाना क्षेत्र के राजा का पुरवा (नीमी) निवासी राम कृपाल की पत्नी फूलमती (32) और पांच वर्षीय बेटी काजल बीते 23 डायरिया से पीड़ित होकर सीएचसी पहुंचे थे, जहां चिकित्सकों ने दोनों को रेफर कर दिया था। परिवारीजन दोनों को 24 अगस्त की सुबह लेकर जगदीशपुर स्थित एक प्राइवेट नर्सिंग होम पहुंचे, जहां मां-बेटी की मौत हो गई।
25 अगस्त की सुबह गांव के ही राम औतार का बेटा शिवम (5), उदयभान की पुत्री फूलमती (12), जंग बहादुर की छह माह की बेटी मोहिनी, बुधराम की पुत्री सावित्री (16), गयादीन का बेटा शिव कुमार (26), आद्या प्रसाद की पुत्री शैंपू (21), उदयराज की पुत्री शिवानी (4), राम कृपाल का बेटा रामकेस (6) और राम औतार का बेटा शिवा (7) भी डायरिया से पीड़ित हो गए। सीएचसी और प्राइवेट नर्सिंग होम के चिकित्सकों की जांच में डायरिया की पुष्टि हुई।
बीमार लोगों को सीएचसी जामों, जगदीशपुर और मुसाफिरखाना में भर्ती कराया गया है। मां-बेटी की मौत से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। शुक्रवार को एसडीएम गौरीगंज अशोक कुमार शुक्ल के आदेश पर सीएचसी प्रभारी जामों डॉ. संदीप चौरसिया, डॉ. अभय गोयल, स्टाफ नर्स अनामिका राय स्वास्थ्य कर्मियों के साथ राजा का पुरना नीमी पहुंच गए।