सुल्तानपुर। यूपी बोर्ड परीक्षा वर्ष 2021 के लिए जारी हुई 113 विद्यालयों की अनंतिम सूची को लेकर आपत्तियों का दौर शनिवार की शाम थम गया है। केंद्र नहीं बनाए जाने पर सर्वाधिक शिकायतें आई हैं। वहीं, क्षमता से अधिक छात्र आवंटन को लेकर भी कई आपत्तियां जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में दर्ज हुई हैं।
माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से जारी हुई 113 प्रस्तावित केंद्रों की सूची में तमाम खामियां सामने आईं हैं। केंद्र नहीं बनने पर प्रधानाचार्यों व प्रबंधकों की ओर से आपत्तियां की गई हैं। धारक क्षमता से अधिक परीक्षार्थियों के आवंटन के साथ ही दूरी के मानकों का भी पालन कई जगह नहीं किया गया है। 113 माध्यमिक विद्यालयों की प्रस्तावित केंद्र के रूप में जारी की गई है।
सूची में पांच राजकीय, 55 अशासकीय सहायता प्राप्त, 51 वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालय व दो राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय को रखा गया है। सूची जारी होने के बाद आपत्तियों को दर्ज कराने के लिए शनिवार की रात 12:00 बजे तक का समय दिया गया था।
ऑनलाइन आपत्तियों के बाद शिकायतकर्ताओं ने जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में हार्ड कॉपी भी दी हैं। कई विद्यालयों ने अपने यहां धारण क्षमता से अधिक परीक्षार्थियों के आवंटन को लेकर शिकायत दर्ज कराई है। वहीं कुछ विद्यालयों ने यह कहा है कि मानक पूरे होने के बावजूद उन्हें केंद्र नहीं बनाया गया है।
यूपी बोर्ड परीक्षा केंद्र निर्धारण को लेकर शनिवार को जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में काफी गहमागहमी रही। केंद्र नहीं बनने वाले विद्यालयों के प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों का डीआईओएस कार्यालय में पहुंचना दिन भर जारी रहा।
कराई जाएंगी जांच
जिला विद्यालय निरीक्षक विष्णु प्रताप सिंह ने बताया कि परीक्षा केंद्र निर्धारण किए जाने के संबंध में सर्वाधिक आपत्तियां आई हैं। जिन विद्यालयों में मानक के अनुरूप सारे संसाधन मौजूद हैं और उन्हें केंद्र नहीं बनाया गया है, उनकी जांच कराई जाएगी। जांच में व्यवस्था सही पाए जाने पर केंद्र निर्धारण की कार्यवाही की जाएगी।